📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vvnataraj
स्थानीय
सतना में बनायी गई 5 सदस्यीय टीम, मंदाकिनी बाढ़ के बाद नदी किनारे अतिक्रमण की जांच करेगी
✍️ Amar Ujala · Satna
🗓 11 सित. 2026, 05:02 PM
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सतना प्रशासन ने मंदाकिनी नदी के किनारे अतिक्रमण की जांच के लिये पाँच सदस्यीय टीम गठित की है, जो चित्रकूट में बाढ़ से हुए नुकसान के बाद लागू होगी। टीम नई उच्च बाढ़ स्तर की पहचान कर नियम उल्लंघन पर कार्रवाई करेगी।
मंदाकिनी नदी में भारी वर्षा के कारण चित्रकूट में जलस्तर बढ़ गया, जिससे संपत्ति को भारी नुकसान और कई लोगों को विस्थापित होना पड़ा। इस आपदा के बाद सतना के स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे अनधिकृत अतिक्रमण को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
जिला प्रशासन ने पाँच सदस्यीय जांच टीम गठित की है। इस टीम को नई उच्च जलस्तर की पुनः पहचान, नदी‑किनारे नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों की पहचान और सुधारात्मक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा गया है।
टीम में सार्वजनिक कार्य विभाग, आपदा प्रबंधन सेल और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तेज़ कार्रवाई करेंगे। प्रशासन ने बताया कि आवश्यकतानुसार जुर्माना और ध्वंस आदेश जारी किए जाएंगे, ताकि भविष्य में बाढ़ के जोखिम को कम किया जा सके।
यह कदम मध्य प्रदेश में नदी किनारे अनियंत्रित निर्माण को रोकने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, क्योंकि ऐसे अतिक्रमण कई जिलों में बाढ़ की गंभीरता बढ़ा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने पाँच सदस्यीय जांच टीम गठित की है। इस टीम को नई उच्च जलस्तर की पुनः पहचान, नदी‑किनारे नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों की पहचान और सुधारात्मक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा गया है।
टीम में सार्वजनिक कार्य विभाग, आपदा प्रबंधन सेल और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तेज़ कार्रवाई करेंगे। प्रशासन ने बताया कि आवश्यकतानुसार जुर्माना और ध्वंस आदेश जारी किए जाएंगे, ताकि भविष्य में बाढ़ के जोखिम को कम किया जा सके।
यह कदम मध्य प्रदेश में नदी किनारे अनियंत्रित निर्माण को रोकने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, क्योंकि ऐसे अतिक्रमण कई जिलों में बाढ़ की गंभीरता बढ़ा रहे हैं।