शिक्षा
सरस्वती बाल निकेतन माध्यमिक विद्यालय नारौली डांग में नशा मुक्ति महा-अभियान, हस्तनिर्मित पोस्टरों से दी चेतावनी
सरस्वती बाल निकेतन माध्यमिक विद्यालय, नारौली डांग में युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए एक विशेष 'नशा मुक्ति अभियान' चलाया गया। प्रधानाध्यापक गोविंद नारायण गुप्ता ने छात्रों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित पोस्टरों का विमोचन किया और विद्यालय परिसर को 'धूम्रपान निषेध क्षेत्र' घोषित किया गया।
युवाओं और समाज को नशे के जानलेवा दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से सरस्वती बाल निकेतन माध्यमिक विद्यालय, नारौली डांग (सपोटरा, करौली) में मंगलवार को एक विशेष 'नशा मुक्ति अभियान' चलाया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक गोविंद नारायण गुप्ता इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। अभियान प्रभारी विनोद सिंह गुर्जर के मार्गदर्शन में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और स्टाफ द्वारा शुरू की गई इस मुहिम ने एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लिया है।
अभियान के तहत विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विचारोत्तेजक और ज्ञानवर्धक हस्तनिर्मित पोस्टरों की एक श्रृंखला जारी की गई। इसके साथ ही पूरे विद्यालय परिसर को कड़ाई से "धूम्रपान निषेध क्षेत्र" (No Smoking Zone) घोषित किया गया। मुख्य अतिथि एवं प्रधानाध्यापक गोविंद नारायण गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि नशा न केवल स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि पूरे परिवार को विनाश की ओर धकेलता है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प प्रत्येक युवा को इस लत से दूर रखकर शिक्षा, खेल और योग से जोड़ना है।
अभियान प्रभारी विनोद सिंह गुर्जर ने बताया कि छात्रों ने विभिन्न विषयों पर मार्मिक पोस्टर बनाकर समाज को जागरूक किया है। इन पोस्टरों में मुस्कुराती हुई पृथ्वी के माध्यम से 'No Smoking, No Drink, Stop Drugs' का वैश्विक संदेश दिया गया है। साथ ही "तंबाकू को जिसने गले लगाया, मौत को उसने पास बुलाया!" जैसे कड़े नारों से लोगों को सचेत किया गया है। विद्यालय की इस सराहनीय पहल की स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों द्वारा जमकर प्रशंसा की जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों, स्टाफ और विद्यार्थियों को जीवन भर नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। विद्यालय प्रशासन ने संदेश दिया कि "आपकी एक पहल, बदल सकती है जिंदगी" और इसी संकल्प के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।
अभियान के तहत विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विचारोत्तेजक और ज्ञानवर्धक हस्तनिर्मित पोस्टरों की एक श्रृंखला जारी की गई। इसके साथ ही पूरे विद्यालय परिसर को कड़ाई से "धूम्रपान निषेध क्षेत्र" (No Smoking Zone) घोषित किया गया। मुख्य अतिथि एवं प्रधानाध्यापक गोविंद नारायण गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि नशा न केवल स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि पूरे परिवार को विनाश की ओर धकेलता है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प प्रत्येक युवा को इस लत से दूर रखकर शिक्षा, खेल और योग से जोड़ना है।
अभियान प्रभारी विनोद सिंह गुर्जर ने बताया कि छात्रों ने विभिन्न विषयों पर मार्मिक पोस्टर बनाकर समाज को जागरूक किया है। इन पोस्टरों में मुस्कुराती हुई पृथ्वी के माध्यम से 'No Smoking, No Drink, Stop Drugs' का वैश्विक संदेश दिया गया है। साथ ही "तंबाकू को जिसने गले लगाया, मौत को उसने पास बुलाया!" जैसे कड़े नारों से लोगों को सचेत किया गया है। विद्यालय की इस सराहनीय पहल की स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों द्वारा जमकर प्रशंसा की जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों, स्टाफ और विद्यार्थियों को जीवन भर नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। विद्यालय प्रशासन ने संदेश दिया कि "आपकी एक पहल, बदल सकती है जिंदगी" और इसी संकल्प के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।