🔥 TRENDING અમરેલી કલેક્ટર કચેરી ખાતે PGVCL (પશ્ચિ... અંકલેશ્વર રેલવે સ્ટેશન પાસે જુગારધામ પ... शामली: खनन अधिकारी और सहायक लाखों की र... હિંમતનગર: લગ્નના છ મહિનામાં પરિણીતાનો... મહેસાણા LCB દ્વારા વાહન ચોરીનો ગુનો ઉક... காவல்துறை அதிகாரியை அரிவாளால் வெட்ட மு...
25 Sep 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Agriculture

सीमित भूमि से नर्सरी प्रबंधन द्वारा उषा रावत ने हासिल की 6 लाख रुपये की वार्षिक आय

✍️ Reporter: Pranav gaur 🗓 25 Sep 2026, 11:09 AM 👁 11
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

ग्वालियर की उषा रावत ने उद्यानिकी को अपनाकर सीमित भूमि से समृद्धि की राह चुनी है। आधुनिक नर्सरी प्रबंधन से वह सालाना लगभग 6 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमा रही हैं।

ग्वालियर जिले के भितरवार विकासखंड के ग्राम निकोड़ी की निवासी श्रीमती उषा रावत ने सीमित भूमि के बावजूद आधुनिक नर्सरी प्रबंधन को अपनाकर आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश की है। उद्यानिकी के क्षेत्र में प्रशिक्षण और मेहनत से उन्होंने अपनी नर्सरी से सालाना लगभग 6 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित करना शुरू कर दिया है।

पहले पूर्णतः खेती पर निर्भर उषा रावत के परिवार को कम भूमि के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। आत्मा योजना के अंतर्गत नर्सरी प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने बीज उपचार, सुनियोजित खेती की तैयारी, सही बुवाई, सिंचाई, पोषक तत्व प्रबंधन तथा कीट-रोग नियंत्रण की वैज्ञानिक विधियों को सीखा। इसके बाद उन्होंने सब्जियों, फूलों व अन्य उपयोगी पौधों की स्वस्थ पौध तैयार करना शुरू किया।

गुणवत्तापूर्ण पौध की बढ़ती मांग के कारण उनकी नर्सरी परिवार की आय का एक स्थायी स्रोत बन गई। लगभग 4 लाख रुपये की लागत से उन्होंने करीब 10 लाख रुपये की आय अर्जित की, जिससे उन्हें लगभग 6 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। इस आय ने उनके परिवार के भविष्य को संवारने में मदद की है, जहाँ उनकी बड़ी बेटी बी.ए. के बाद एम.एस.डब्ल्यू. कर रही है, बेटा बी.ए. की पढ़ाई कर रहा है और छोटी बेटी कक्षा 12वीं में कृषि विज्ञान के साथ अध्ययनरत है।

उषा रावत की सफलता से प्रेरित होकर आसपास के किसान भी पौध उत्पादन और आधुनिक तकनीक अपनाने लगे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दिया है, जिनके आह्वान और सरकारी प्रशिक्षण व तकनीकी मार्गदर्शन से उन्हें नर्सरी प्रबंधन सीखने और सफल होने में मदद मिली। वे आशा करती हैं कि उनकी नर्सरी अन्य किसानों, विशेषकर महिलाओं, को आधुनिक कृषि अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देगी।
📲Get App