स्थानीय
सलेमपुर में दीपावली: मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा से घर में सुख-समृद्धि
सलेमपुर, देवरिया में 8 नवंबर रविवार को दीपावली मनाई जाएगी, जिसमें मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा से घर में सुख-समृद्धि की अपेक्षा है।
दीपावली 8 नवंबर रविवार को सलेमपुर, देवरिया में मनाई जाएगी, कार्तिक अमावस्या के अवसर पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा से घर में सुख-समृद्धि की अपेक्षा है।
आचार्य अजय शुक्ल ने बताया कि दीपावली केवल दीप जलाने का त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा कर माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे, और अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उत्सव मनाया था।
8 नवंबर को शाम 5:48 से 7:44 बजे तक मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन का शुभ मुहूर्त रहेगा; प्रदोष काल शाम 5:25 से रात 8:02 बजे तक रहेगा। अमावस्या तिथि सुबह 11:28 बजे प्रारंभ होकर 9 नवंबर को दोपहर 12:32 बजे तक रहेगी।
दीपावली के दिन सुबह घर की साफ-सफाई कर मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं, शाम को पूजा स्थल पर चौकी रखकर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं, और मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें। सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें, फिर मां लक्ष्मी को पुष्प, अक्षत, रोली, चंदन, धूप, दीप, फल, मिठाई और कमल का फूल अर्पित करें, और खील-बताशे और मिठाई का भोग लगाएं।
पूजा के अंत में परिवार के सभी सदस्य सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करें, और दीपावली की शाम घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल, तुलसी चौरा और घर के अन्य स्थानों पर दीपक जलाने का निर्देश दिया गया है।
आचार्य अजय शुक्ल ने बताया कि दीपावली केवल दीप जलाने का त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा कर माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे, और अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उत्सव मनाया था।
8 नवंबर को शाम 5:48 से 7:44 बजे तक मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन का शुभ मुहूर्त रहेगा; प्रदोष काल शाम 5:25 से रात 8:02 बजे तक रहेगा। अमावस्या तिथि सुबह 11:28 बजे प्रारंभ होकर 9 नवंबर को दोपहर 12:32 बजे तक रहेगी।
दीपावली के दिन सुबह घर की साफ-सफाई कर मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं, शाम को पूजा स्थल पर चौकी रखकर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं, और मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें। सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें, फिर मां लक्ष्मी को पुष्प, अक्षत, रोली, चंदन, धूप, दीप, फल, मिठाई और कमल का फूल अर्पित करें, और खील-बताशे और मिठाई का भोग लगाएं।
पूजा के अंत में परिवार के सभी सदस्य सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करें, और दीपावली की शाम घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल, तुलसी चौरा और घर के अन्य स्थानों पर दीपक जलाने का निर्देश दिया गया है।