📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
वायरल
सलीम खान की काइरोप्रैक्टिक थेरेपी वीडियो ने मचाई हलचल
✍️ India.com
🗓 30 सित. 2026, 01:46 PM
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वेटरन स्क्रीनराइटर सलीम खान की काइरोप्रैक्टिक उपचार की वीडियो ने सोशल मीडिया पर तेज़ी से धूम मचा दी है।
बॉलीवुड के अनुभवी स्क्रीनराइटर सलीम खान को काइरोप्रैक्टिक थेरेपी लेते हुए दिखाने वाला एक छोटा वीडियो भारतीय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस फुटेज में ७९ वर्षीया सलीम खान को एक चिकित्सक द्वारा रीढ़ की हड्डी पर दबाव डालते हुए दिखाया गया है, जिससे उन्हें पुरानी दर्द से राहत मिलने की उम्मीद है। यह दृश्य वरिष्ठ सार्वजनिक हस्तियों में वैकल्पिक दर्द‑निवारण तरीकों की बढ़ती रुचि को उजागर करता है।
अज्ञात स्रोत द्वारा साझा किया गया यह वीडियो कुछ ही घंटों में हजारों व्यूज़, लाइक्स और टिप्पणियों को आकर्षित कर चुका है। कई नेटिज़न्स ने इस उपचार के बारे में जिज्ञासा जताई और अपने समान अनुभव साझा किए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि काइरोप्रैक्टिक देखभाल कुछ मस्क्यूलोस्केलेटल समस्याओं में मददगार हो सकती है, परंतु इसे अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है।
सलीम खान, सलमान खान के पिता, ने इस वीडियो पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, परंतु इस वायरल होने से यह स्पष्ट होता है कि सेलिब्रिटी परिवारों के व्यक्तिगत स्वास्थ्य विकल्पों में जनता की बड़ी दिलचस्पी है। यह क्लिप लगातार फैलती जा रही है, जो सेलिब्रिटी कंटेंट की वायरल प्रकृति और भारत में गैर‑परम्परागत चिकित्सा पद्धतियों पर चल रही चर्चा दोनों को दर्शाती है।
अज्ञात स्रोत द्वारा साझा किया गया यह वीडियो कुछ ही घंटों में हजारों व्यूज़, लाइक्स और टिप्पणियों को आकर्षित कर चुका है। कई नेटिज़न्स ने इस उपचार के बारे में जिज्ञासा जताई और अपने समान अनुभव साझा किए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि काइरोप्रैक्टिक देखभाल कुछ मस्क्यूलोस्केलेटल समस्याओं में मददगार हो सकती है, परंतु इसे अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है।
सलीम खान, सलमान खान के पिता, ने इस वीडियो पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, परंतु इस वायरल होने से यह स्पष्ट होता है कि सेलिब्रिटी परिवारों के व्यक्तिगत स्वास्थ्य विकल्पों में जनता की बड़ी दिलचस्पी है। यह क्लिप लगातार फैलती जा रही है, जो सेलिब्रिटी कंटेंट की वायरल प्रकृति और भारत में गैर‑परम्परागत चिकित्सा पद्धतियों पर चल रही चर्चा दोनों को दर्शाती है।