शिक्षा
सिकंदराराऊ में सेवा संकल्प अभियान, पूर्व जिला अध्यक्ष आशीष शर्मा ने बच्चों को बांटी पाठ्य सामग्री, बच्चों के चेहरे खिले
सेवा संकल्प अभियान के तहत आशीष शर्मा ने सिकंदराराऊ के बच्चों को शैक्षणिक सामग्री दी, जिससे उनके चेहरे पर खुशी छा गई।
हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र में सेवा संकल्प अभियान के तहत एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष पंडित आशीष शर्मा ने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों के प्राथमिक विद्यालयों में पहुंचकर छोटे छोटे छात्र छात्राओं को पाठ्य एवं लेखन सामग्री का वितरण किया। कॉपी, किताबें और पेंसिल पाकर बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों ने हाथ उठाकर भारत माता की जय के जयकारे भी लगाए।इस अवसर पर पंडित आशीष शर्मा ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही देश के विकास की आधारशिला है। आज के यही बच्चे वर्ष 2047 के विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संस्कार और सेवा ही राष्ट्र निर्माण का आधार है।उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घ आयु की कामना भी की और कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।विद्यालय के शिक्षकों और ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से सरकारी स्कूलों के बच्चों का मनोबल बढ़ता है।
कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष पंडित आशीष शर्मा ने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों के प्राथमिक विद्यालयों में पहुंचकर छोटे छोटे छात्र छात्राओं को पाठ्य एवं लेखन सामग्री का वितरण किया। कॉपी, किताबें और पेंसिल पाकर बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों ने हाथ उठाकर भारत माता की जय के जयकारे भी लगाए।इस अवसर पर पंडित आशीष शर्मा ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही देश के विकास की आधारशिला है। आज के यही बच्चे वर्ष 2047 के विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संस्कार और सेवा ही राष्ट्र निर्माण का आधार है।उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घ आयु की कामना भी की और कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।विद्यालय के शिक्षकों और ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से सरकारी स्कूलों के बच्चों का मनोबल बढ़ता है।