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स्कूल वाहनों की सुरक्षा: एएसपी ने स्कूल संचालकों के साथ की बैठक, दिए निर्देश
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स्कूली वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत चावला की अध्यक्षता में स्कूल संचालकों की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्री मंजीत चावला ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर स्कूल संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का स्कूलों द्वारा पालन सुनिश्चित करना था। एएसपी ने सभी स्कूल संचालकों को इन निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक के दौरान, स्कूल वाहन चालकों के लिए कई कड़े नियम लागू किए गए हैं। इसमें वाहन चालकों का हर छह महीने में चरित्र सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, वाहन चालकों के पास कम से कम पांच साल का ड्राइविंग अनुभव होना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वाहनों में उनकी निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बिठाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक स्कूल को एक वाहन प्रभारी नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। यह प्रभारी वाहन से संबंधित सभी सुरक्षा पहलुओं और नियमों के अनुपालन की निगरानी करेगा। इन निर्देशों का उद्देश्य स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
बैठक के दौरान, स्कूल वाहन चालकों के लिए कई कड़े नियम लागू किए गए हैं। इसमें वाहन चालकों का हर छह महीने में चरित्र सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, वाहन चालकों के पास कम से कम पांच साल का ड्राइविंग अनुभव होना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वाहनों में उनकी निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बिठाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक स्कूल को एक वाहन प्रभारी नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। यह प्रभारी वाहन से संबंधित सभी सुरक्षा पहलुओं और नियमों के अनुपालन की निगरानी करेगा। इन निर्देशों का उद्देश्य स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।