स्थानीय
सिंहरों के आतंक से गाँव में मक्का की फसलें नष्ट
ग्रामीण इलाकों में सिंहरों (जंगली सूअर) के बढ़ते आतंक ने किसानों की नींद उड़ा दी है। सिंहरों के झुंड रात के अंधेरे में खेतों में घुसकर मक्के की खड़ी फसल को बुरी तरह बर्बाद कर रहे हैं।
स्थानीय गांवों में जंगली सूअरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। सिंहरों के झुंड रात के समय खेतों में घुसपैठ कर मक्के की खड़ी फसलों को रौंदकर और खाकर नष्ट कर रहे हैं। इस बर्बादी से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने बताया कि सिंहरों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है और वे अब खेतों के काफी करीब आ गए हैं। रात में झुंड में आने वाले ये जंगली सूअर मक्के की फसल को इस कदर नुकसान पहुंचाते हैं कि कटाई लायक कुछ भी नहीं बचता। कई किसानों की तो पूरी की पूरी फसल बर्बाद हो गई है।
किसानों ने स्थानीय प्रशासन से इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि सिंहरों के आतंक पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि वे अपनी फसलों की रक्षा कर सकें और आजीविका का संकट दूर हो सके।
किसानों ने बताया कि सिंहरों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है और वे अब खेतों के काफी करीब आ गए हैं। रात में झुंड में आने वाले ये जंगली सूअर मक्के की फसल को इस कदर नुकसान पहुंचाते हैं कि कटाई लायक कुछ भी नहीं बचता। कई किसानों की तो पूरी की पूरी फसल बर्बाद हो गई है।
किसानों ने स्थानीय प्रशासन से इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि सिंहरों के आतंक पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि वे अपनी फसलों की रक्षा कर सकें और आजीविका का संकट दूर हो सके।