📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Stm user
अपराध
सिंगरौली में मयार नदी पुल के भुगतान में 33 लाख का घोटाला, अधिकारियों पर FIR
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 04 नव. 2026, 04:01 PM
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मयार नदी पुल के अंतिम भुगतान में लगभग 33 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने तत्कालीन एसडीओ, उपयंत्री और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
मध्य प्रदेश के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने सिंगरौली में मयार नदी पुल के अंतिम भुगतान में लगभग 33 लाख रुपये की हेराफेरी का पता लगाया है। जांच में यह उजागर हुआ कि मूल रूप से 7 लाख रुपये का बिल 40 लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया था, जिससे सार्वजनिक धन में भारी नुकसान हुआ।
जांचकर्ताओं का कहना है कि इस बढ़े हुए बिल का उपयोग कुछ अधिकारियों और ठेकेदार द्वारा धन गबन करने में किया गया। इस प्रक्रिया में परियोजना के वित्तीय प्रबंधन की देखरेख करने वाले अधिकारी और निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार शामिल थे।
इसी आधार पर प्रकोष्ठ ने तत्कालीन उपजिला अधिकारी (एसडीओ), उस समय के उपयंत्री और ठेकेदार के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की है। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता के तहत धोखाधड़ी और सार्वजनिक विश्वास का उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
अधिकारी अभी तक संबंधित व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने बताया कि मामला जिला न्यायालय में भेजा जाएगा। इस घटना ने क्षेत्र में सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे की परियोजनाओं में निगरानी की कमी को उजागर किया है।
जांचकर्ताओं का कहना है कि इस बढ़े हुए बिल का उपयोग कुछ अधिकारियों और ठेकेदार द्वारा धन गबन करने में किया गया। इस प्रक्रिया में परियोजना के वित्तीय प्रबंधन की देखरेख करने वाले अधिकारी और निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार शामिल थे।
इसी आधार पर प्रकोष्ठ ने तत्कालीन उपजिला अधिकारी (एसडीओ), उस समय के उपयंत्री और ठेकेदार के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की है। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता के तहत धोखाधड़ी और सार्वजनिक विश्वास का उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
अधिकारी अभी तक संबंधित व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने बताया कि मामला जिला न्यायालय में भेजा जाएगा। इस घटना ने क्षेत्र में सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे की परियोजनाओं में निगरानी की कमी को उजागर किया है।