📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Alok Singh Oberoi
स्वास्थ्य
11 रुपये का सामान, 325 रुपये का MRP: तुकाराम मुंढे ने अस्पताल की भारी मूल्य अंतर को उजागर किया
✍️ India Today
🗓 17 सित. 2026, 05:46 AM
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आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने अस्पतालों में मूल्य विसंगति को उजागर किया है, जहां 11 रुपये का सामान 325 रुपये के MRP पर बेचा जा रहा है।
आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने अस्पताल आपूर्ति श्रृंखला के भीतर एक बड़ी मूल्य विसंगति को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि मात्र 11 रुपये में खरीदा गया एक उत्पाद 325 रुपये के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पर बेचा जा रहा है।
खरीद लागत और छपे हुए MRP के बीच यह भारी अंतर स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में मूल्य वृद्धि की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को रेखांकित करता है। मुंढे द्वारा इस मुद्दे को उठाना इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि अस्पताल और आपूर्तिकर्ता मरीजों के लिए खुदरा मूल्य कैसे तय करते हैं।
ऐसे मूल्य अंतर लंबे समय से मरीजों और उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं के लिए विवाद का बिंदु रहे हैं। वे तर्क देते हैं कि बुनियादी चिकित्सा वस्तुओं पर अत्यधिक मार्कअप पहले से ही उच्च इलाज लागत का सामना कर रहे लोगों पर बोझ डालते हैं।
खरीद लागत और छपे हुए MRP के बीच यह भारी अंतर स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में मूल्य वृद्धि की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को रेखांकित करता है। मुंढे द्वारा इस मुद्दे को उठाना इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि अस्पताल और आपूर्तिकर्ता मरीजों के लिए खुदरा मूल्य कैसे तय करते हैं।
ऐसे मूल्य अंतर लंबे समय से मरीजों और उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं के लिए विवाद का बिंदु रहे हैं। वे तर्क देते हैं कि बुनियादी चिकित्सा वस्तुओं पर अत्यधिक मार्कअप पहले से ही उच्च इलाज लागत का सामना कर रहे लोगों पर बोझ डालते हैं।