📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Paramanu Sarkar
नौकरी
आरपीएससी ने परीक्षा में धोखाधड़ी रोकने के लिए बायोमेट्रिक्स व फेस रिकग्निशन लागू करने की योजना
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 24 अग. 2026, 07:47 PM
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राजस्थान सार्वजनिक सेवा आयोग अपने भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों और नकल को रोकने के लिये बायोमेट्रिक्स, फेस रेकग्निशन और एआई‑सीसीटीवी तकनीकें लागू करने की तैयारी कर रहा है।
राजस्थान सार्वजनिक सेवा आयोग (आरपीएससी) को भर्ती परीक्षाओं में बायोमेट्रिक सत्यापन, फेस रिकग्निशन और फेशियल ऑथेंटिकेशन प्रणाली लागू करने की सिफ़ारिश करने वाली रिपोर्ट मिली है। यह तकनीकें यह सुनिश्चित करेंगी कि केवल वास्तविक अभ्यर्थी ही परीक्षा में भाग ले सकें।
साथ ही, आयोग एआई‑सक्षम सीसीटीवी कैमरों को परीक्षा केंद्रों में स्थापित करने की योजना बना रहा है। ये कैमरे रियल‑टाइम में फुटेज का विश्लेषण करके अनधिकृत व्यक्तियों की मौजूदगी या पहचान चोरी जैसे संदिग्ध व्यवहार को पहचानेंगे।
यह कदम पिछले आरपीएससी परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों और अन्य नकल की घटनाओं को रोकने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि तकनीक का प्रयोग पायलट केंद्रों से शुरू कर राज्य स्तर पर क्रमशः लागू किया जाएगा।
पूरी तैनाती की सटीक तिथि अभी घोषित नहीं की गई है, पर अगली भर्ती परीक्षा से ही इन उपायों को लागू करके चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बढ़ाया जाएगा।
साथ ही, आयोग एआई‑सक्षम सीसीटीवी कैमरों को परीक्षा केंद्रों में स्थापित करने की योजना बना रहा है। ये कैमरे रियल‑टाइम में फुटेज का विश्लेषण करके अनधिकृत व्यक्तियों की मौजूदगी या पहचान चोरी जैसे संदिग्ध व्यवहार को पहचानेंगे।
यह कदम पिछले आरपीएससी परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों और अन्य नकल की घटनाओं को रोकने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि तकनीक का प्रयोग पायलट केंद्रों से शुरू कर राज्य स्तर पर क्रमशः लागू किया जाएगा।
पूरी तैनाती की सटीक तिथि अभी घोषित नहीं की गई है, पर अगली भर्ती परीक्षा से ही इन उपायों को लागू करके चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बढ़ाया जाएगा।