📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
राजनीति
झारखंड के लिए ग्रीन बजटिंग ढांचा प्रस्तावित करने वाली रिपोर्ट
✍️ pv magazine India
🗓 25 अग. 2026, 06:50 PM
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एक नई रिपोर्ट झारखंड की वित्तीय योजना में पर्यावरणीय पहलुओं को शामिल करने के लिए ग्रीन बजटिंग ढांचा प्रस्तुत करती है।
pv magazine India ने झारखंड के लिए एक ग्रीन बजटिंग ढांचा प्रस्तावित करने वाली रिपोर्ट जारी की है। इस दस्तावेज़ में कहा गया है कि राज्य के बजट निर्माण में सार्वजनिक परियोजनाओं के पर्यावरणीय लागत‑लाभ को व्यवस्थित रूप से शामिल किया जाना चाहिए, जिससे वित्तीय निर्णयों को जलवायु और जैव विविधता लक्ष्यों से जोड़ा जा सके।
प्रस्तावित ढांचे में एक विशेष ग्रीन फंड की स्थापना, बड़े खर्चों के लिए अनिवार्य पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन, और बजट आवंटन में स्थिरता संकेतकों का समावेश शामिल है। साथ ही, वित्त पोषित पहलों के पारिस्थितिक परिणामों को ट्रैक और रिपोर्ट करने के लिए तंत्र भी सुझाए गए हैं।
यदि इसे अपनाया जाता है, तो यह ढांचा झारखंड को राष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं के साथ अपने विकास एजेंडा को संरेखित करने में मदद कर सकता है और संसाधन दक्षता को बढ़ा सकता है। रिपोर्ट राज्य सरकार को अगले वित्तीय चक्र में इस दृष्टिकोण को पायलट करने और दिशा‑निर्देशों को परिष्कृत करने में नागरिक समाज व विशेषज्ञों को शामिल करने का आग्रह करती है।
हितधारकों से उम्मीद की जा रही है कि वे राज्य वित्त विभाग द्वारा अगले बजट को अंतिम रूप देने से पहले इन सिफ़ारिशों की समीक्षा करेंगे, जिससे अन्य भारतीय राज्यों के लिए एक मॉडल स्थापित हो सकता है।
प्रस्तावित ढांचे में एक विशेष ग्रीन फंड की स्थापना, बड़े खर्चों के लिए अनिवार्य पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन, और बजट आवंटन में स्थिरता संकेतकों का समावेश शामिल है। साथ ही, वित्त पोषित पहलों के पारिस्थितिक परिणामों को ट्रैक और रिपोर्ट करने के लिए तंत्र भी सुझाए गए हैं।
यदि इसे अपनाया जाता है, तो यह ढांचा झारखंड को राष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं के साथ अपने विकास एजेंडा को संरेखित करने में मदद कर सकता है और संसाधन दक्षता को बढ़ा सकता है। रिपोर्ट राज्य सरकार को अगले वित्तीय चक्र में इस दृष्टिकोण को पायलट करने और दिशा‑निर्देशों को परिष्कृत करने में नागरिक समाज व विशेषज्ञों को शामिल करने का आग्रह करती है।
हितधारकों से उम्मीद की जा रही है कि वे राज्य वित्त विभाग द्वारा अगले बजट को अंतिम रूप देने से पहले इन सिफ़ारिशों की समीक्षा करेंगे, जिससे अन्य भारतीय राज्यों के लिए एक मॉडल स्थापित हो सकता है।