📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Soham Banerjee
बिज़नेस
आरबीआई ने FY27 के GDP पूर्वानुमान को 6.7% तक बढ़ाया, आर्थिक लचीलापन पर जोर
✍️ News18
🗓 05 अग. 2026, 01:40 PM
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रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने FY27 के लिए GDP पूर्वानुमान 6.7% तक बढ़ा दिया, आर्थिक लचीलापन पर बल देते हुए।
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) ने FY27 (वित्तीय वर्ष 2027) के लिए अपनी विकास पूर्वानुमान को 6.7% तक बढ़ा दिया है, जो पहले के 6.4% अनुमान से ऊपर है। यह अपडेट RBI के वार्षिक रिपोर्ट में जारी किया गया और केंद्रीय बैंक के अर्थव्यवस्था की लचीलापन पर विश्वास को दर्शाता है।
आरबीआई ने घरेलू मांग की स्थिरता, विनिर्माण उत्पादन में सुधार और सेवाक्षेत्र की मजबूती को उच्च पूर्वानुमान के प्रमुख कारण बताया है। इस संशोधित आंकड़े में अनौपचारिक क्षेत्र में निरंतर वृद्धि और बेहतर रोजगार परिस्थितियों की अपेक्षाएँ भी शामिल हैं।
उपर्युक्त संशोधन से यह संकेत मिलता है कि आरबीआई मानता है कि मौद्रिक नीति ढाँचा सहज रहेगा जबकि मुद्रास्फीति 4% लक्ष्य सीमा के भीतर रहेगी। इससे यह भी पता चलता है कि बैंक को नीतिगत सख्ती की तत्काल आवश्यकता नहीं दिखती।
बाजार विश्लेषक इस अपडेट को निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानते हैं, जिससे इक्विटी और बांड बाजारों में विश्वास बढ़ सकता है। आरबीआई का पूर्वानुमान आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए नीति-निर्माताओं और व्यवसायों द्वारा बारीकी से देखा जाएगा।
आरबीआई ने घरेलू मांग की स्थिरता, विनिर्माण उत्पादन में सुधार और सेवाक्षेत्र की मजबूती को उच्च पूर्वानुमान के प्रमुख कारण बताया है। इस संशोधित आंकड़े में अनौपचारिक क्षेत्र में निरंतर वृद्धि और बेहतर रोजगार परिस्थितियों की अपेक्षाएँ भी शामिल हैं।
उपर्युक्त संशोधन से यह संकेत मिलता है कि आरबीआई मानता है कि मौद्रिक नीति ढाँचा सहज रहेगा जबकि मुद्रास्फीति 4% लक्ष्य सीमा के भीतर रहेगी। इससे यह भी पता चलता है कि बैंक को नीतिगत सख्ती की तत्काल आवश्यकता नहीं दिखती।
बाजार विश्लेषक इस अपडेट को निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानते हैं, जिससे इक्विटी और बांड बाजारों में विश्वास बढ़ सकता है। आरबीआई का पूर्वानुमान आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए नीति-निर्माताओं और व्यवसायों द्वारा बारीकी से देखा जाएगा।