📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Education/PIB Ahmedabad
शिक्षा
राष्ट्रिया रक्षा विश्वविद्यालय ने बीआरआईसीएस एएमएल/सीएफटी क्षमता निर्माण कार्यक्रम सफलतापूर्वक समाप्त किया
✍️ latestly.com
🗓 14 सित. 2026, 02:36 AM
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नई दिल्ली के राष्ट्रिया रक्षा विश्वविद्यालय ने बीआरआईसीएस के लिए एएमएल/सीएफटी प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक समाप्त किया, जिससे क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती मिली।
नई दिल्ली – राष्ट्रिया रक्षा विश्वविद्यालय ने बीआरआईसीएस देशों के बीच एंटी‑मनी लॉन्ड्रिंग (एएमएल) और टेररिज़्म फाइनेंसिंग (सीएफटी) क्षमताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया। यह पहल बीआरआईसीएस वित्तीय एवं कानून‑प्रवर्तन समुदाय के सहयोग से कई हफ्तों तक चलने वाले कार्यशालाओं, केस‑स्टडी और सिमुलेशन सत्रों से युक्त थी।
भारत, ब्राज़ील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वरिष्ठ अधिकारी एवं जांचकर्ता इस कार्यक्रम में भाग लेकर जोखिम‑आधारित मूल्यांकन, कानूनी ढाँचे और लेन‑देन निगरानी के लिए तकनीकी उपयोग पर सत्रों में हिस्सा लिया। राष्ट्रिया रक्षा विश्वविद्यालय और साझेदार एजेंसियों के प्रशिक्षकों ने वैश्विक नियामक प्रवृत्तियों को उजागर किया और सीमा‑पार सूचना‑साझाकरण के सर्वोत्तम अभ्यास साझा किए।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने सीखे गये तरीकों को अपने‑अपने देशों में लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रशिक्षण बीआरआईसीएस ब्लॉक में एएमएल/सीएफटी मानकों के सामंजस्य को बढ़ावा देने और सामूहिक वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रक्षा मंत्रालय के अधीन स्थित प्रमुख संस्थान राष्ट्रिया रक्षा विश्वविद्यालय ने इस कार्यक्रम की सफलता को अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय‑अपराध रोकथाम पहलों में भारत की बढ़ती भूमिका के प्रतीक के रूप में सराहा।
भारत, ब्राज़ील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वरिष्ठ अधिकारी एवं जांचकर्ता इस कार्यक्रम में भाग लेकर जोखिम‑आधारित मूल्यांकन, कानूनी ढाँचे और लेन‑देन निगरानी के लिए तकनीकी उपयोग पर सत्रों में हिस्सा लिया। राष्ट्रिया रक्षा विश्वविद्यालय और साझेदार एजेंसियों के प्रशिक्षकों ने वैश्विक नियामक प्रवृत्तियों को उजागर किया और सीमा‑पार सूचना‑साझाकरण के सर्वोत्तम अभ्यास साझा किए।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने सीखे गये तरीकों को अपने‑अपने देशों में लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रशिक्षण बीआरआईसीएस ब्लॉक में एएमएल/सीएफटी मानकों के सामंजस्य को बढ़ावा देने और सामूहिक वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रक्षा मंत्रालय के अधीन स्थित प्रमुख संस्थान राष्ट्रिया रक्षा विश्वविद्यालय ने इस कार्यक्रम की सफलता को अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय‑अपराध रोकथाम पहलों में भारत की बढ़ती भूमिका के प्रतीक के रूप में सराहा।