📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
विज्ञान
अरुणाचल में पहली बार दुर्लभ स्पून‑टेल्ड डस्कहॉकर ड्रैगनफ़्लाई की तस्वीर
✍️ The Times of India
🗓 30 अग. 2026, 02:37 AM
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टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया कि दुर्लभ स्पून‑टेल्ड डस्कहॉकर ड्रैगनफ़्लाई की पहली तस्वीर अरुणाचल प्रदेश में ली गई है, जो यहाँ की जैव विविधता में एक महत्वपूर्ण जोड़ है।
अरुणाचल प्रदेश में एक क्षेत्रीय सर्वेक्षण ने स्पून‑टेल्ड डस्कहॉकर ड्रैगनफ़्लाई की पहली पुष्टि की गई तस्वीर सामने लाई है, जिसे अब तक पूर्वी हिमालय में ही कुछ ही बार देखा गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस छवि को प्रकाशित कर इस प्रजाति की भारत में उपस्थिति को आधिकारिक रूप से दर्ज किया है।
कीट विज्ञानी बताते हैं कि स्पून‑टेल्ड डस्कहॉकर एक दुर्लभ प्रजाति है, जो तेज़ बहाव वाले ऊँचे पहाड़ी नदियों में पनपती है। अरुणाचल में इसका पता लगना इस राज्य की समृद्ध लेकिन कम खोजी गई कीट विविधता को उजागर करता है।
यह खोज क्षेत्र में आगे के सर्वेक्षणों को प्रोत्साहित करेगी, जिससे वैज्ञानिक इस और अन्य संवेदनशील ओडोनेट प्रजातियों के वितरण को बेहतर समझ सकेंगे। संरक्षण विशेषज्ञ इस बात पर ज़ोर देते हैं कि ऐसी प्रजातियों का दस्तावेज़ीकरण उनके आवास संरक्षण के लिए आवश्यक है।
फ़ोटोग्राफ़र या सटीक स्थान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई, पर रिपोर्ट में पूर्वोत्तर राज्यों के जैव विविधता केंद्रों में बढ़ती रुचि को रेखांकित किया गया है।
यह रिकॉर्ड अरुणाचल के हालिया वन्यजीव अभिलेखों में एक नई कड़ी जोड़ता है, जो भारत की अंतर्निहित वनस्पति‑प्राणी विविधता को सुरक्षित रखने में इस राज्य की महत्त्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
कीट विज्ञानी बताते हैं कि स्पून‑टेल्ड डस्कहॉकर एक दुर्लभ प्रजाति है, जो तेज़ बहाव वाले ऊँचे पहाड़ी नदियों में पनपती है। अरुणाचल में इसका पता लगना इस राज्य की समृद्ध लेकिन कम खोजी गई कीट विविधता को उजागर करता है।
यह खोज क्षेत्र में आगे के सर्वेक्षणों को प्रोत्साहित करेगी, जिससे वैज्ञानिक इस और अन्य संवेदनशील ओडोनेट प्रजातियों के वितरण को बेहतर समझ सकेंगे। संरक्षण विशेषज्ञ इस बात पर ज़ोर देते हैं कि ऐसी प्रजातियों का दस्तावेज़ीकरण उनके आवास संरक्षण के लिए आवश्यक है।
फ़ोटोग्राफ़र या सटीक स्थान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई, पर रिपोर्ट में पूर्वोत्तर राज्यों के जैव विविधता केंद्रों में बढ़ती रुचि को रेखांकित किया गया है।
यह रिकॉर्ड अरुणाचल के हालिया वन्यजीव अभिलेखों में एक नई कड़ी जोड़ता है, जो भारत की अंतर्निहित वनस्पति‑प्राणी विविधता को सुरक्षित रखने में इस राज्य की महत्त्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।