📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Abhijit Kar Gupta from Kolkata, India
यात्रा
कुपुप‑ग्नाथंग घाटी में दुर्लभ हिमालयी फूलों ने रंगीली पिंक छटा, पर्यटकों की भीड़
✍️ India Today NE
🗓 31 अग. 2026, 05:45 PM
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सिक्किम के कुपुप‑ग्नाथंग घाटी में दुर्लभ हिमालयी फूलों की पिंक रंगत ने पर्यटकों की भीड़ को आकर्षित किया है।
सिक्किम के कुपुप‑ग्नाथंग घाटी में दुर्लभ हिमालयी अल्पाइन पौधों के बड़े पैमाने पर फूलने से घाटी पूरी तरह से गुलाबी रंग में ढक गई है। ये फूल हर साल केवल कुछ हफ्तों के लिए ही खिलते हैं, और इस बार उनका रंगीन परिदृश्य प्रदेश के उच्च हिमालय में भी दुर्लभ माना जाता है।
स्थानीय पर्यटन विभाग ने बताया कि इस पिंक दृश्य के दिखने के बाद से यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ट्रेकर्स, फ़ोटोग्राफ़र और सामान्य पर्यटक इस प्राकृतिक आकर्षण को देखने के लिए घाटी की ओर रुख कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने भीड़ को संभालने और संवेदनशील पर्यावरण की रक्षा के लिए अस्थायी पार्किंग और मार्गदर्शित पगडंडियों की व्यवस्था की है।
अधिकारियों ने आगंतुकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित पथों का पालन करें, कूड़ा‑करकट न छोड़ें और नाजुक अल्पाइन वनस्पति का सम्मान करें, क्योंकि यह बहुत ही संवेदनशील है। इस फूलों के खिलने की अवधि केवल कुछ हफ़्तों की है, जिसके बाद घाटी फिर से अपनी सामान्य पहाड़ी दृश्यावली में लौट आएगी, जिससे इस समयावधि को राज्य के प्रकृति‑आधारित पर्यटन के लिए एक अनूठा अवसर माना जा रहा है।
स्थानीय पर्यटन विभाग ने बताया कि इस पिंक दृश्य के दिखने के बाद से यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ट्रेकर्स, फ़ोटोग्राफ़र और सामान्य पर्यटक इस प्राकृतिक आकर्षण को देखने के लिए घाटी की ओर रुख कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने भीड़ को संभालने और संवेदनशील पर्यावरण की रक्षा के लिए अस्थायी पार्किंग और मार्गदर्शित पगडंडियों की व्यवस्था की है।
अधिकारियों ने आगंतुकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित पथों का पालन करें, कूड़ा‑करकट न छोड़ें और नाजुक अल्पाइन वनस्पति का सम्मान करें, क्योंकि यह बहुत ही संवेदनशील है। इस फूलों के खिलने की अवधि केवल कुछ हफ़्तों की है, जिसके बाद घाटी फिर से अपनी सामान्य पहाड़ी दृश्यावली में लौट आएगी, जिससे इस समयावधि को राज्य के प्रकृति‑आधारित पर्यटन के लिए एक अनूठा अवसर माना जा रहा है।