📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
रनवीर शोरी: बड़े बैनर वाली फ़िल्म में ‘बहुत ज़्यादा मुखर, विवादास्पद’ होने के कारण बर्खास्त
✍️ Mid-Day
🗓 04 अक्टू. 2026, 03:03 AM
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अभिनेताओं में मशहूर रनवीर शोरी ने कहा कि एक बड़े बैनर की फ़िल्म ने उनके मुखर और विवादास्पद रवैये के कारण उन्हें बाहर कर दिया।
बॉलीवुड में अपनी कॉमिक टाइमिंग और सपोर्टिंग रोल्स के लिए मशहूर रनवीर शोरी ने मिड‑डे को बताया कि एक बड़े बैनर की फ़िल्म ने उन्हें "बहुत ज़्यादा मुखर, विवादास्पद" कहकर कास्ट नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें बताया गया, जिससे वह चकित रह गए।
शोरी, जिन्होंने "खोसलाक़ा घोसला", "विक्की डोनर" और वेब सीरीज़ "अफ़सोस" जैसी फ़िल्मों में काम किया है, का मानना है कि सेट पर और सार्वजनिक मंचों पर उनकी खुली बात करने की प्रवृत्ति को प्रोडक्शन हाउस ने जोखिम माना होगा। वह रचनात्मक स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए कहते हैं कि यह अस्वीकृति मुख्यधारा के बॉलीवुड में असहमत आवाज़ों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता को दर्शाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कास्टिंग अक्सर बाजार के हिसाब से तय होती है और निर्माता उन कलाकारों से दूर रहना पसंद करते हैं जिन्हें अनिश्चित माना जाता है। अस्वीकार किए गए फ़िल्म का नाम नहीं बताया गया, और प्रोडक्शन हाउस से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिली।
यह बयान भारतीय फ़िल्म उद्योग में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चल रहे बहस में नया आयाम जोड़ता है, जहाँ कई कलाकार और निर्देशक हाल ही में आत्म-सेन्सरशिप और व्यावसायिक दबावों को लेकर चिंतित हैं।
शोरी, जिन्होंने "खोसलाक़ा घोसला", "विक्की डोनर" और वेब सीरीज़ "अफ़सोस" जैसी फ़िल्मों में काम किया है, का मानना है कि सेट पर और सार्वजनिक मंचों पर उनकी खुली बात करने की प्रवृत्ति को प्रोडक्शन हाउस ने जोखिम माना होगा। वह रचनात्मक स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए कहते हैं कि यह अस्वीकृति मुख्यधारा के बॉलीवुड में असहमत आवाज़ों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता को दर्शाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कास्टिंग अक्सर बाजार के हिसाब से तय होती है और निर्माता उन कलाकारों से दूर रहना पसंद करते हैं जिन्हें अनिश्चित माना जाता है। अस्वीकार किए गए फ़िल्म का नाम नहीं बताया गया, और प्रोडक्शन हाउस से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिली।
यह बयान भारतीय फ़िल्म उद्योग में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चल रहे बहस में नया आयाम जोड़ता है, जहाँ कई कलाकार और निर्देशक हाल ही में आत्म-सेन्सरशिप और व्यावसायिक दबावों को लेकर चिंतित हैं।