📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
रामदास अथवाले का बयान: जातिवाद समाप्त हो तो आरक्षण छोड़ेंगे
✍️ economictimes.com
🗓 09 सित. 2026, 03:18 PM
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दलित नेता रामदास अथवाले ने कहा कि यदि जातिवाद समाप्त हो गया तो उनका समुदाय आरक्षण छोड़ देगा।
दलित नेता रामदास अथवाले, जो भारतीय संघीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अथवाले) के प्रमुख हैं, ने बताया कि यदि भारत में जातिवाद समाप्त हो गया तो उनका समुदाय आरक्षण प्रणाली को त्यागने को तैयार है। यह टिप्पणी आर्थिक टाइम्स द्वारा प्रकाशित एक साक्षात्कार में दी गई थी।
अथवाले का बयान आरक्षण नीति पर चल रहे बहस को नई दिशा देता है, जहाँ यह प्रणाली ऐतिहासिक असमानताओं को दूर करने के साधन के रूप में देखी जाती है। उन्होंने यह संकेत दिया कि आरक्षण केवल तब तक जारी रहेगा जब तक जातिवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टिप्पणी शासक गठबंधन के भीतर आरक्षण मुद्दे को पुनः विचार करने का कारण बन सकती है। कुछ इसे सामाजिक समावेश की ओर एक सकारात्मक कदम मानते हैं, जबकि अन्य चेतावनी देते हैं कि जातीय पक्षपात अभी भी मौजूद है और आरक्षण अभी भी वंचित वर्गों के लिए सुरक्षा कवच है।
अथवाले ने जातिवाद समाप्त करने के लिए कोई ठोस योजना या समयसीमा नहीं बताई, जिससे इस प्रस्ताव के व्यावहारिक प्रभावों पर आगे चर्चा की संभावना बनी हुई है।
अथवाले का बयान आरक्षण नीति पर चल रहे बहस को नई दिशा देता है, जहाँ यह प्रणाली ऐतिहासिक असमानताओं को दूर करने के साधन के रूप में देखी जाती है। उन्होंने यह संकेत दिया कि आरक्षण केवल तब तक जारी रहेगा जब तक जातिवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टिप्पणी शासक गठबंधन के भीतर आरक्षण मुद्दे को पुनः विचार करने का कारण बन सकती है। कुछ इसे सामाजिक समावेश की ओर एक सकारात्मक कदम मानते हैं, जबकि अन्य चेतावनी देते हैं कि जातीय पक्षपात अभी भी मौजूद है और आरक्षण अभी भी वंचित वर्गों के लिए सुरक्षा कवच है।
अथवाले ने जातिवाद समाप्त करने के लिए कोई ठोस योजना या समयसीमा नहीं बताई, जिससे इस प्रस्ताव के व्यावहारिक प्रभावों पर आगे चर्चा की संभावना बनी हुई है।