रामगढ़ पचवारा पुलिस की कार्रवाई: नाबालिग बालक के अपहरण की झूठी घटना का पर्दाफाश, चार घंटे में खुलासा
### रामगढ़ पचवारा पुलिस की कार्रवाई: नाबालिग बालक के अपहरण की झूठी घटना का पर्दाफाश, चार घंटे में खुलासा
दौसा। रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस ने नाबालिग बालक द्वारा बताई गई अपहरण की काल्पनिक घटना का महज चार घंटे में पर्दाफाश कर ग्रामीणों के धरना-प्रदर्शन को समाप्त करवाने में सफलता हासिल की। पुलिस ने डोर-टू-डोर सीसीटीवी फुटेज चेक किए तथा बालक की काउंसलिंग कर घटना की वास्तविकता का पता लगाया।
जिला पुलिस अधीक्षक दौसा कुंदन कंवरिया आईपीएस के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालसोट विनोद कुमार सीपा आरपीएस एवं लालसोट के निकटतम सुपरविजन तथा सत्यनारायण आरपीएस के मार्गदर्शन में रामगढ़ पचवारा थानाधिकारी भरतलाल पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया।
### घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, आज दिनांक 16 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:35 बजे अभय कमांड दौसा के जरिए टेलीफोन सूचना मिली कि एक नाबालिग लड़के को काले रंग की थार गाड़ी में रामगढ़ पचवारा कस्बे से डालने का प्रयास किया गया तथा उसे स्कूल बैग सहित थार गाड़ी में लेकर आरोपी चले गए।
सूचना मिलने पर थानाधिकारी मय जाप्ता मौके पर कस्बा रामगढ़ पहुंचे। वहां नाबालिग बालक के पिता सुरेश सैनी अपने बच्चे के साथ कस्बे के बाजार स्थित चौपड़ पर ग्रामीणों की भीड़ के साथ मौजूद मिले।
घटना की जानकारी लेने के दौरान चेयरमैन रामफल मीना एवं उप चेयरमैन मोहन सोनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रामगढ़ बाजार बंद करवाकर नाबालिग बालक और उसके पिता को साथ लेकर कस्बे की चौपड़ पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण घटना का खुलासा करने की मांग कर रहे थे।
मौके पर पहुंचे सीओ लालसोट ने धरने पर बैठे लोगों को एक घंटे में घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने बालक के बताए अनुसार उसके घर से लेकर स्कूल तक के रास्ते के सीसीटीवी फुटेज की डोर-टू-डोर जांच की।
जांच के दौरान सामने आया कि नाबालिग बालक द्वारा बताई गई घटना के समय उसके पास स्कूल बैग नहीं था। इस आधार पर पुलिस ने बालक से पूछताछ एवं काउंसलिंग की, जिसमें अपहरण की बताई गई घटना काल्पनिक पाई गई।
पुलिस ने महज चार घंटे में मामले की सच्चाई सामने लाकर ग्रामीणों को समझाया और धरना-प्रदर्शन समाप्त करवाया। मामले में पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई जारी है।### रामगढ़ पचवारा में अपहरण की झूठी कहानी का खुलासा, स्कूल टीचर की डांट से नाराज होकर चार दिन से स्कूल नहीं जा रहा था बालक
दौसा। रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस ने नाबालिग बालक के अपहरण की झूठी कहानी का पर्दाफाश कर ग्रामीणों के धरना-प्रदर्शन को समाप्त करवाया। पुलिस की जांच में सामने आया कि स्कूल का गृहकार्य नहीं करने पर शिक्षक की डांट से नाराज होकर बालक ने अपहरण की काल्पनिक कहानी गढ़ी थी।
पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने बालक के घर से स्कूल तक के रास्ते के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। बालक के पिता, संरक्षक और चाचा की मौजूदगी में बाल अधिकारों का ध्यान रखते हुए उससे बार-बार काउंसलिंग की गई।
काउंसलिंग के दौरान बालक ने बताया कि उसकी स्कूल मैडम ने गृहकार्य पूरा नहीं करने पर उसे डांटा था। इसी वजह से वह पिछले चार दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था। बालक ने बताया कि सुबह स्कूल जाते समय वह घर के पास स्थित बांसवाली ढाणी में आंकड़े के पेड़ के अंदर छिप गया था।
पुलिस ने करीब एक घंटे तक घटनास्थल पर काले रंग की थार गाड़ी के आने-जाने की जांच की, लेकिन ऐसी कोई गाड़ी वहां दिखाई नहीं दी। इसके बाद बालक की बताई जानकारी के आधार पर बांसवाली ढाणी से उसका स्कूल बैग बरामद कर पिता को सुपुर्द किया गया। मामले की सच्चाई सामने आने पर ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
### पुलिस की अभिभावकों और शिक्षकों से अपील
दौसा पुलिस ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि बच्चों पर पढ़ाई को लेकर अनावश्यक दबाव न बनाएं, जिससे उनका आत्मविश्वास और मनोबल प्रभावित हो। शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों की गतिविधियों के बारे में अभिभावकों से पीटीएम बैठक में संवाद करें और प्यार से उनकी समस्याएं समझकर आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास करें।
मीडिया प्रकोष्ठ, दौसा पुलिस
दौसा। रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस ने नाबालिग बालक द्वारा बताई गई अपहरण की काल्पनिक घटना का महज चार घंटे में पर्दाफाश कर ग्रामीणों के धरना-प्रदर्शन को समाप्त करवाने में सफलता हासिल की। पुलिस ने डोर-टू-डोर सीसीटीवी फुटेज चेक किए तथा बालक की काउंसलिंग कर घटना की वास्तविकता का पता लगाया।
जिला पुलिस अधीक्षक दौसा कुंदन कंवरिया आईपीएस के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालसोट विनोद कुमार सीपा आरपीएस एवं लालसोट के निकटतम सुपरविजन तथा सत्यनारायण आरपीएस के मार्गदर्शन में रामगढ़ पचवारा थानाधिकारी भरतलाल पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया।
### घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, आज दिनांक 16 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:35 बजे अभय कमांड दौसा के जरिए टेलीफोन सूचना मिली कि एक नाबालिग लड़के को काले रंग की थार गाड़ी में रामगढ़ पचवारा कस्बे से डालने का प्रयास किया गया तथा उसे स्कूल बैग सहित थार गाड़ी में लेकर आरोपी चले गए।
सूचना मिलने पर थानाधिकारी मय जाप्ता मौके पर कस्बा रामगढ़ पहुंचे। वहां नाबालिग बालक के पिता सुरेश सैनी अपने बच्चे के साथ कस्बे के बाजार स्थित चौपड़ पर ग्रामीणों की भीड़ के साथ मौजूद मिले।
घटना की जानकारी लेने के दौरान चेयरमैन रामफल मीना एवं उप चेयरमैन मोहन सोनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रामगढ़ बाजार बंद करवाकर नाबालिग बालक और उसके पिता को साथ लेकर कस्बे की चौपड़ पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण घटना का खुलासा करने की मांग कर रहे थे।
मौके पर पहुंचे सीओ लालसोट ने धरने पर बैठे लोगों को एक घंटे में घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने बालक के बताए अनुसार उसके घर से लेकर स्कूल तक के रास्ते के सीसीटीवी फुटेज की डोर-टू-डोर जांच की।
जांच के दौरान सामने आया कि नाबालिग बालक द्वारा बताई गई घटना के समय उसके पास स्कूल बैग नहीं था। इस आधार पर पुलिस ने बालक से पूछताछ एवं काउंसलिंग की, जिसमें अपहरण की बताई गई घटना काल्पनिक पाई गई।
पुलिस ने महज चार घंटे में मामले की सच्चाई सामने लाकर ग्रामीणों को समझाया और धरना-प्रदर्शन समाप्त करवाया। मामले में पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई जारी है।### रामगढ़ पचवारा में अपहरण की झूठी कहानी का खुलासा, स्कूल टीचर की डांट से नाराज होकर चार दिन से स्कूल नहीं जा रहा था बालक
दौसा। रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस ने नाबालिग बालक के अपहरण की झूठी कहानी का पर्दाफाश कर ग्रामीणों के धरना-प्रदर्शन को समाप्त करवाया। पुलिस की जांच में सामने आया कि स्कूल का गृहकार्य नहीं करने पर शिक्षक की डांट से नाराज होकर बालक ने अपहरण की काल्पनिक कहानी गढ़ी थी।
पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने बालक के घर से स्कूल तक के रास्ते के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। बालक के पिता, संरक्षक और चाचा की मौजूदगी में बाल अधिकारों का ध्यान रखते हुए उससे बार-बार काउंसलिंग की गई।
काउंसलिंग के दौरान बालक ने बताया कि उसकी स्कूल मैडम ने गृहकार्य पूरा नहीं करने पर उसे डांटा था। इसी वजह से वह पिछले चार दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था। बालक ने बताया कि सुबह स्कूल जाते समय वह घर के पास स्थित बांसवाली ढाणी में आंकड़े के पेड़ के अंदर छिप गया था।
पुलिस ने करीब एक घंटे तक घटनास्थल पर काले रंग की थार गाड़ी के आने-जाने की जांच की, लेकिन ऐसी कोई गाड़ी वहां दिखाई नहीं दी। इसके बाद बालक की बताई जानकारी के आधार पर बांसवाली ढाणी से उसका स्कूल बैग बरामद कर पिता को सुपुर्द किया गया। मामले की सच्चाई सामने आने पर ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
### पुलिस की अभिभावकों और शिक्षकों से अपील
दौसा पुलिस ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि बच्चों पर पढ़ाई को लेकर अनावश्यक दबाव न बनाएं, जिससे उनका आत्मविश्वास और मनोबल प्रभावित हो। शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों की गतिविधियों के बारे में अभिभावकों से पीटीएम बैठक में संवाद करें और प्यार से उनकी समस्याएं समझकर आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास करें।
मीडिया प्रकोष्ठ, दौसा पुलिस