📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / संदीपमीना
सरकारी योजना
राजस्थान ने पीएम विष्कर्मा योजना में राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया
✍️ UdaipurTimes.com
🗓 21 अक्टू. 2026, 04:16 AM
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राजस्थान को पीएम विष्कर्मा योजना के नवीनतम मूल्यांकन में राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान मिला, जो योजना के कार्यान्वयन में प्रगति दर्शाता है।
प्रधानमंत्री विष्कर्मा योजना की हालिया कार्यक्षमता समीक्षा में राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया है। इस मूल्यांकन को योजना की देखरेख करने वाले केंद्रीय मंत्रालय ने जारी किया है, जिसमें राज्य को लाभार्थी पहुंच, निधि उपयोग और विष्कर्मा समुदाय के लिए बुनियादी ढांचा विकास जैसे मानदंडों पर आंका गया है।
राजस्थान सरकार के अधिकारियों ने इस रैंकिंग का स्वागत किया, यह बताते हुए कि यह राज्य के पारंपरिक शिल्पकारों के लिए शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और आजीविका समर्थन को सुदृढ़ करने के प्रयासों को दर्शाता है। उन्होंने ग्रामीण जिलों में चल रहे कई प्रोजेक्ट्स का उल्लेख किया, जो पारम्परिक शिल्पों को आधुनिक बनाकर बाजार पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।
प्रधानमंत्री विष्कर्मा योजना, जिसका उद्देश्य विष्कर्मा जाति की सामाजिक‑आर्थिक स्थिति को उन्नत करना है, केंद्र और राज्य दोनों से वित्तीय सहायता प्राप्त करती है। चौथे स्थान पर रहना राजस्थान को कई बड़े राज्यों से आगे रखता है और अगले वर्ष में सुधार के लिए एक मानक स्थापित करता है।
समुदाय के नेताओं और NGOs ने प्रशासन से अपील की है कि वे इस गति को बनाए रखें और लाभार्थियों के स्वास्थ्य व आवास सेवाओं में शेष अंतर को दूर करें।
आगे की चरण में अतिरिक्त कौशल‑विकास मॉड्यूल और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लागू किए जाएंगे, जिससे शिकायत निवारण को सुगम बनाया जा सके और भविष्य में राजस्थान की रैंकिंग और ऊँची हो सके।
राजस्थान सरकार के अधिकारियों ने इस रैंकिंग का स्वागत किया, यह बताते हुए कि यह राज्य के पारंपरिक शिल्पकारों के लिए शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और आजीविका समर्थन को सुदृढ़ करने के प्रयासों को दर्शाता है। उन्होंने ग्रामीण जिलों में चल रहे कई प्रोजेक्ट्स का उल्लेख किया, जो पारम्परिक शिल्पों को आधुनिक बनाकर बाजार पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।
प्रधानमंत्री विष्कर्मा योजना, जिसका उद्देश्य विष्कर्मा जाति की सामाजिक‑आर्थिक स्थिति को उन्नत करना है, केंद्र और राज्य दोनों से वित्तीय सहायता प्राप्त करती है। चौथे स्थान पर रहना राजस्थान को कई बड़े राज्यों से आगे रखता है और अगले वर्ष में सुधार के लिए एक मानक स्थापित करता है।
समुदाय के नेताओं और NGOs ने प्रशासन से अपील की है कि वे इस गति को बनाए रखें और लाभार्थियों के स्वास्थ्य व आवास सेवाओं में शेष अंतर को दूर करें।
आगे की चरण में अतिरिक्त कौशल‑विकास मॉड्यूल और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लागू किए जाएंगे, जिससे शिकायत निवारण को सुगम बनाया जा सके और भविष्य में राजस्थान की रैंकिंग और ऊँची हो सके।