📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tpsn98290
राजनीति
राजस्थान निकाय चुनाव 2026: बीजेपी ने उम्मीदवारों को फोन पर टिकट की जानकारी दी
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 31 अग. 2026, 06:37 PM
👁 5
राजस्थान के 309 शहरी निकायों में 2026 के निकाय चुनाव शुरू हो चुके हैं, जबकि बीजेपी और कांग्रेस ने अभी तक आधिकारिक उम्मीदवार सूची नहीं जारी की है। बीजेपी संभावित अंदरूनी लीक रोकने के लिए उम्मीदवारों को सीधे फोन से टिकट की जानकारी दे रहा है।
राजस्थान में 309 शहरी निकायों के लिए 2026 के निकाय चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं, और दोनों प्रमुख दल—भाजपा और कांग्रेस—अभी तक आधिकारिक उम्मीदवार सूची नहीं जारी कर पाए हैं।
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने उम्मीदवारों को सीधे फोन कॉल के माध्यम से टिकट की जानकारी देने का विकल्प चुना है, ताकि संभावित अंदरूनी लीक या दुरुपयोग को रोका जा सके।
कांग्रेस ने भी अभी तक अपने उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को सार्वजनिक नहीं किया है, जिससे आगामी चुनावों के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है। चुनाव प्राधिकरण ने मतदान की तिथियों और प्रक्रिया को निर्धारित किया है, जिसमें पहला चरण जयपुर से शुरू होने की संभावना है, उसके बाद अन्य बड़े शहरों में मतदान होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उम्मीदवार सूची को गुप्त रखने से स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जो वोटर टर्नआउट और दोनों प्रमुख दलों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
जैसे ही चुनावी तंत्र तैयार हो रहा है, सभी की नज़र इस बात पर रहेगी कि उम्मीदवार चयन की यह रणनीति राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में चुनावी गतिशीलता को कैसे आकार देती है।
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने उम्मीदवारों को सीधे फोन कॉल के माध्यम से टिकट की जानकारी देने का विकल्प चुना है, ताकि संभावित अंदरूनी लीक या दुरुपयोग को रोका जा सके।
कांग्रेस ने भी अभी तक अपने उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को सार्वजनिक नहीं किया है, जिससे आगामी चुनावों के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है। चुनाव प्राधिकरण ने मतदान की तिथियों और प्रक्रिया को निर्धारित किया है, जिसमें पहला चरण जयपुर से शुरू होने की संभावना है, उसके बाद अन्य बड़े शहरों में मतदान होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उम्मीदवार सूची को गुप्त रखने से स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जो वोटर टर्नआउट और दोनों प्रमुख दलों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
जैसे ही चुनावी तंत्र तैयार हो रहा है, सभी की नज़र इस बात पर रहेगी कि उम्मीदवार चयन की यह रणनीति राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में चुनावी गतिशीलता को कैसे आकार देती है।