📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh Lalwani
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राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने जयपुर के भीड़भाड़ वाले बाजारों में दिवाली से पहले फायर‑सेफ्टी की रिपोर्ट मांगी
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 03 नव. 2026, 04:31 PM
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राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने जयपुर के बाजारों में दिवाली की भीड़ के लिए फायर‑सेफ्टी की स्थिति पर तीन दिनों में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।
दिवाली के निकट आते ही जयपुर के बाजारों में खरीदारी की भीड़ बढ़ने की संभावना है, जिससे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आग लगने का जोखिम बढ़ जाता है।
राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने इन बाजारों में फायर‑सेफ्टी इंतजामों की पर्याप्तता पर सवाल उठाते हुए, नगरपालिका को तीन दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में फायर‑ब्रिगेड की उपलब्धता, पानी की आपूर्ति बिंदु और आवश्यक फायर‑फाइटिंग उपकरणों की स्थिति शामिल होगी।
आयोग ने कहा कि सुरक्षा मानकों में कोई भी कमी जनता के जीवन को खतरे में डाल सकती है और इसके लिए आगे कानूनी या नियामक कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम त्योहार की भीड़ शुरू होने से पहले संभावित खामियों को दूर करने के लिए उठाया गया है।
समय सीमा की कठोरता इस बात का संकेत देती है कि आयोग अनुपालन की कड़ी निगरानी करेगा और यदि निर्धारित सुरक्षा मानक नहीं मिलते तो आवश्यक हस्तक्षेप करेगा।
राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने इन बाजारों में फायर‑सेफ्टी इंतजामों की पर्याप्तता पर सवाल उठाते हुए, नगरपालिका को तीन दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में फायर‑ब्रिगेड की उपलब्धता, पानी की आपूर्ति बिंदु और आवश्यक फायर‑फाइटिंग उपकरणों की स्थिति शामिल होगी।
आयोग ने कहा कि सुरक्षा मानकों में कोई भी कमी जनता के जीवन को खतरे में डाल सकती है और इसके लिए आगे कानूनी या नियामक कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम त्योहार की भीड़ शुरू होने से पहले संभावित खामियों को दूर करने के लिए उठाया गया है।
समय सीमा की कठोरता इस बात का संकेत देती है कि आयोग अनुपालन की कड़ी निगरानी करेगा और यदि निर्धारित सुरक्षा मानक नहीं मिलते तो आवश्यक हस्तक्षेप करेगा।