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शिक्षा
राजस्थान हाईकोर्ट ने 2025 के अंग्रेजी सहायक आचार्य नियुक्तियों पर रोक लगाई
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 09 सित. 2026, 08:32 PM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने 2025 के अंग्रेजी सहायक आचार्य भर्ती में नियुक्तियों को रोकने का अंतरिम आदेश जारी किया, इंटरव्यू प्रक्रिया में उठे सवालों को लेकर।
राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश जारी किया, जिसमें 2025 में राज्य के कॉलेजों में अंग्रेजी सहायक आचार्य पदों की सभी नियुक्तियों को स्थगित करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने संबंधित विभागों को नियुक्ति पत्र जारी करने से रोकने और आगे की सुनवाई तक इंतजार करने का आदेश दिया।
यह भर्ती इस वर्ष की शुरुआत में घोषित की गई थी, जिसका उद्देश्य सरकारी कॉलेजों में खाली अंग्रेजी प्रोफेसर पदों को भरना था। आवेदनकर्ताओं की शॉर्टलिस्ट बनाकर इंटरव्यू आयोजित किए गए, पर कई अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
कोर्ट ने कहा कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों की गहन जाँच आवश्यक है और बिना समाधान के नियुक्तियों को आगे बढ़ाना उनके अधिकारों के विरुद्ध हो सकता है।
राज्य शिक्षा विभाग ने बताया कि वे कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे और इंटरव्यू प्रक्रिया की समीक्षा के लिए एक समिति गठित कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट की संतुष्टि मिलने के बाद ही भर्ती फिर से शुरू की जाएगी।
यह रोक लगभग 150 पदों को प्रभावित करती है, जिससे नई फैकल्टी के शामिल होने में देरी होगी और संबंधित संस्थानों के शैक्षणिक कैलेंडर पर असर पड़ सकता है।
यह भर्ती इस वर्ष की शुरुआत में घोषित की गई थी, जिसका उद्देश्य सरकारी कॉलेजों में खाली अंग्रेजी प्रोफेसर पदों को भरना था। आवेदनकर्ताओं की शॉर्टलिस्ट बनाकर इंटरव्यू आयोजित किए गए, पर कई अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
कोर्ट ने कहा कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों की गहन जाँच आवश्यक है और बिना समाधान के नियुक्तियों को आगे बढ़ाना उनके अधिकारों के विरुद्ध हो सकता है।
राज्य शिक्षा विभाग ने बताया कि वे कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे और इंटरव्यू प्रक्रिया की समीक्षा के लिए एक समिति गठित कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट की संतुष्टि मिलने के बाद ही भर्ती फिर से शुरू की जाएगी।
यह रोक लगभग 150 पदों को प्रभावित करती है, जिससे नई फैकल्टी के शामिल होने में देरी होगी और संबंधित संस्थानों के शैक्षणिक कैलेंडर पर असर पड़ सकता है।