📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann (talk)
स्वास्थ्य
नीले भ्रूण के विज्ञापन पर राजस्थान ने IVF केंद्र पर कार्रवाई की
✍️ The Hindu
🗓 26 अग. 2026, 01:44 PM
👁 6
राजस्थान के नियामकों ने एक विज्ञापन में नीले रंग के भ्रूण को दिखाने के बाद एक IVF केंद्र के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग ने एक IVF क्लिनिक के खिलाफ जांच शुरू कर दी है, जिसने एक विज्ञापन में नीले रंग का भ्रूण दिखाया था। यह विज्ञापन क्लिनिक की उन्नत प्रजनन तकनीकों को उजागर करने के लिए बनाया गया था, परन्तु सामाजिक मीडिया पर इसके असामान्य दृश्य को लेकर व्यापक आलोचना हुई।
अधिकारियों ने कहा कि यह विज्ञापन चिकित्सा प्रचार में भ्रामक या सनसनीखेज सामग्री को प्रतिबंधित करने वाले मानकों का उल्लंघन कर सकता है। क्लिनिक को विज्ञापन को तुरंत हटाने और नीले रंग के उपयोग के वैज्ञानिक आधार के बारे में विस्तृत स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया गया है।
क्लिनिक ने अभी तक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परन्तु विभाग ने चेतावनी दी है कि आगे गैर‑अनुपालन पर लाइसेंस रद्द सहित दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला भारत में चिकित्सा विज्ञापन, विशेषकर प्रजनन क्षेत्र, पर बढ़ती निगरानी को उजागर करता है।
उपभोक्ता समूहों ने IVF प्रक्रियाओं और परिणामों के बारे में सटीक जानकारी सुनिश्चित करने हेतु कड़ी निगरानी की मांग की है। जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग ने अगले कुछ हफ्तों में अंतिम रिपोर्ट देने का वादा किया है।
अधिकारियों ने कहा कि यह विज्ञापन चिकित्सा प्रचार में भ्रामक या सनसनीखेज सामग्री को प्रतिबंधित करने वाले मानकों का उल्लंघन कर सकता है। क्लिनिक को विज्ञापन को तुरंत हटाने और नीले रंग के उपयोग के वैज्ञानिक आधार के बारे में विस्तृत स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया गया है।
क्लिनिक ने अभी तक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परन्तु विभाग ने चेतावनी दी है कि आगे गैर‑अनुपालन पर लाइसेंस रद्द सहित दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला भारत में चिकित्सा विज्ञापन, विशेषकर प्रजनन क्षेत्र, पर बढ़ती निगरानी को उजागर करता है।
उपभोक्ता समूहों ने IVF प्रक्रियाओं और परिणामों के बारे में सटीक जानकारी सुनिश्चित करने हेतु कड़ी निगरानी की मांग की है। जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग ने अगले कुछ हफ्तों में अंतिम रिपोर्ट देने का वादा किया है।