📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Evan Loveley
धर्म
QR कोड से मिलेगी गयाजी पिंडदान स्थलों की पूरी जानकारी
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 12 सित. 2026, 07:36 PM
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बिहार के पर्यटन विभाग ने गयाजी के पवित्र स्थलों पर QR कोड लगाए हैं, जिससे यात्रियों को मोबाइल से पिंडदान स्थलों का पूरा इतिहास मिल सकेगा।
बिहार के पर्यटन विभाग ने गयाजी के प्रमुख तीर्थस्थलों पर QR कोड लगाए हैं। इन कोड को स्कैन करने पर यात्रियों को मोबाइल‑फ्रेंडली पेज पर गयाजी के जीवन और पिंडदान स्थलों के इतिहास की विस्तृत जानकारी मिलती है।
यह पहल यात्रियों को प्रिंटेड गाइड की आवश्यकता के बिना सटीक जानकारी उपलब्ध कराकर तीर्थयात्रा को सहज बनाना चाहती है। साथ ही डिजिटल रूप में जानकारी को नियमित रूप से अपडेट कर सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया जा सकेगा।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि QR प्रणाली घरेलू और विदेशी दोनों यात्रियों को गयाजी के धार्मिक परिसर को समझने में मदद करेगी, जिससे विरासत की कहानी आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रभावी रूप से पहुँच सके।
यात्रियों को अपने दौरे के दौरान QR कोड का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जिससे वे अधिक जागरूकता के साथ पूजा-अर्चना कर सकें।
यह कदम भारत में धरोहर स्थलों को डिजिटल बनाने की व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जहाँ सरल तकनीक परम्परा और आधुनिक यात्रियों की जरूरतों को जोड़ती है।
यह पहल यात्रियों को प्रिंटेड गाइड की आवश्यकता के बिना सटीक जानकारी उपलब्ध कराकर तीर्थयात्रा को सहज बनाना चाहती है। साथ ही डिजिटल रूप में जानकारी को नियमित रूप से अपडेट कर सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया जा सकेगा।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि QR प्रणाली घरेलू और विदेशी दोनों यात्रियों को गयाजी के धार्मिक परिसर को समझने में मदद करेगी, जिससे विरासत की कहानी आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रभावी रूप से पहुँच सके।
यात्रियों को अपने दौरे के दौरान QR कोड का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जिससे वे अधिक जागरूकता के साथ पूजा-अर्चना कर सकें।
यह कदम भारत में धरोहर स्थलों को डिजिटल बनाने की व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जहाँ सरल तकनीक परम्परा और आधुनिक यात्रियों की जरूरतों को जोड़ती है।