📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sujithkr
विज्ञान
30 साल बाद मैनास नेशनल पार्क में पिगमी हॉग्स की वापसी
✍️ Assam Times
🗓 26 अग. 2026, 07:03 AM
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30 साल के बाद, पिगमी हॉग्स का समूह असम के मैनास नेशनल पार्क में पुनः छोड़ा गया, जो संरक्षण प्रयास का हिस्सा है।
असम के मैनास नेशनल पार्क में पिगमी हॉग्स के एक छोटे समूह को छोड़ दिया गया, जिससे 30 साल बाद यह प्रजाति फिर से इस क्षेत्र में लौट आई। इन जानवरों को पहले एक विशेष वन्यजीव प्रजनन केंद्र में पाला गया था और अब उन्हें नियंत्रित वातावरण में मुक्त किया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पुनःप्रवेश ब्रह्मपुत्र के दलदल क्षेत्रों में पिगमी हॉग्स के ऐतिहासिक आवास को पुनर्स्थापित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। यह सबसे छोटा जंगली सूअर है, जिसे शुरुआती 2000 के दशक में जंगली में लुप्त माना गया था, जिससे गहन प्रजनन कार्यक्रम शुरू किए गए थे।
रिहाई एक सुरक्षित बाड़े वाले क्षेत्र में की गई, जहाँ से पशुओं को धीरे‑धीरे पूरी वन में घुलने‑मिलने की अनुमति दी जाएगी। निगरानी दल उनके चलन‑फिरन और स्वास्थ्य पर नज़र रखेगा ताकि कार्यक्रम की सफलता का आकलन किया जा सके और भविष्य की रिहाइयों को दिशा दी जा सके।
पर्यावरण विशेषज्ञ इस कदम को पिगमी हॉग्स की जंगली आबादी को पुनर्स्थापित करने की दिशा में सकारात्मक संकेत मानते हैं, जिससे अंततः इस प्रजाति को गंभीर संकट से बाहर निकाला जा सकता है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पुनःप्रवेश ब्रह्मपुत्र के दलदल क्षेत्रों में पिगमी हॉग्स के ऐतिहासिक आवास को पुनर्स्थापित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। यह सबसे छोटा जंगली सूअर है, जिसे शुरुआती 2000 के दशक में जंगली में लुप्त माना गया था, जिससे गहन प्रजनन कार्यक्रम शुरू किए गए थे।
रिहाई एक सुरक्षित बाड़े वाले क्षेत्र में की गई, जहाँ से पशुओं को धीरे‑धीरे पूरी वन में घुलने‑मिलने की अनुमति दी जाएगी। निगरानी दल उनके चलन‑फिरन और स्वास्थ्य पर नज़र रखेगा ताकि कार्यक्रम की सफलता का आकलन किया जा सके और भविष्य की रिहाइयों को दिशा दी जा सके।
पर्यावरण विशेषज्ञ इस कदम को पिगमी हॉग्स की जंगली आबादी को पुनर्स्थापित करने की दिशा में सकारात्मक संकेत मानते हैं, जिससे अंततः इस प्रजाति को गंभीर संकट से बाहर निकाला जा सकता है।