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21 सित. 2026
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2027 चुनाव से पहले पंजाब में भूसा जलाने में कमी, धुंध बनी रही
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NASA Earth Observatory images by Wanmei Liang, usi
कृषि

2027 चुनाव से पहले पंजाब में भूसा जलाने में कमी, धुंध बनी रही

✍️ NDTV 🗓 21 सित. 2026, 08:12 AM 👁 22
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पंजाब में इस साल भूसा जलाने की घटनाएँ घट गई हैं, पर धुंध ने वायु गुणवत्ता को प्रभावित किया है, जिससे 2027 चुनाव की राजनीति में नई बहस छिड़ी है।

सैटेलाइट डेटा से पता चलता है कि इस साल पंजाब के गेहूँ कटाई के बाद भूसा जलाने की घटनाएँ पिछले वर्षों की तुलना में स्पष्ट रूप से घट गई हैं। इस कमी से तुरंत आग से जुड़ी स्वास्थ्य जोखिम कम हुए हैं, परंतु मौसम विज्ञानियों का कहना है कि सर्दियों की घनी धुंध अभी भी क्षेत्र को घेर रखी है, जिससे वायु में कण स्तर उच्च बना हुआ है।

राज्य सरकार ने खुले में जलाने पर कड़ी कार्रवाई और मशीन‑आधारित अवशेष प्रबंधन उपकरणों को बढ़ावा देने को कारण बताया है। वहीं, किसान संघों का कहना है कि इन मशीनों की कीमत छोटे किसानों के लिए बहुत अधिक है, इसलिए अधिक सब्सिडी की मांग की जा रही है।

2027 के विधानसभा चुनावों के करीब आते ही यह मुद्दा राजनीतिक रूप से फिर से उभरा है। विरोधी दल incumbent सरकार पर ग्रामीण वायु‑गुणवत्ता की उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सत्ताधारी दल अपने प्रवर्तन रिकॉर्ड को जिम्मेदार शासन का प्रमाण पेश कर रहा है।

पर्यावरणीय NGOs ने बताया कि कम आग के बावजूद, लगातार धुंध श्वसन रोगों को बढ़ा रही है, विशेषकर लुधियाना और अमृतसर जैसे शहरी क्षेत्रों में। यह बहस ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता की राय को प्रभावित कर सकती है, जहाँ कृषि‑संबंधी नीतियां चुनावी रणनीति का मुख्य भाग हैं।
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