📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pecmaster
शिक्षा
पंजाब ने स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय बनाया
✍️ BusinessLine
🗓 22 जुल. 2026, 08:34 PM
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पंजाब ने घोषणा की है कि 1 से 12 कक्षा के छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय बनाया जाएगा, जिससे राज्य के स्कूलों में एआई शिक्षा को समाहित किया जा सके।
पंजाब के शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अनिवार्य विषय के रूप में पेश किया है। यह निर्णय पाठ्यक्रम को आधुनिक बनाने और छात्रों को तकनीक‑चालित भविष्य के लिए तैयार करने के व्यापक पहल का हिस्सा है।
नई नीति के तहत एआई को मौजूदा विषयों के साथ पढ़ाया जाएगा, जिसमें युवा शिक्षार्थियों के लिए आयु‑उपयुक्त पाठ्यक्रम और उच्च कक्षाओं के लिए अधिक उन्नत सामग्री शामिल होगी। शिक्षकों को इस विषय को प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर STEM विषयों को स्कूलों में शामिल करने की प्रवृत्ति के बीच आया है, लेकिन पंजाब वह पहला राज्य है जिसने सभी कक्षाओं में एआई को अनिवार्य मुख्य विषय बना दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव छात्रों को आलोचनात्मक सोच, समस्या‑समाधान कौशल और मशीन लर्निंग व डेटा साइंस की बुनियादी समझ विकसित करने में मदद करेगा।
सरकार अगले शैक्षणिक वर्ष में पाठ्यक्रम को लागू करने की योजना बना रही है, और पहले से ही चयनित स्कूलों में पायलट कार्यक्रम चल रहे हैं। यह पहल पंजाब की शिक्षा प्रणाली को वैश्विक तकनीकी शिक्षा मानकों के अनुरूप बनाने का लक्ष्य रखती है।
नई नीति के तहत एआई को मौजूदा विषयों के साथ पढ़ाया जाएगा, जिसमें युवा शिक्षार्थियों के लिए आयु‑उपयुक्त पाठ्यक्रम और उच्च कक्षाओं के लिए अधिक उन्नत सामग्री शामिल होगी। शिक्षकों को इस विषय को प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर STEM विषयों को स्कूलों में शामिल करने की प्रवृत्ति के बीच आया है, लेकिन पंजाब वह पहला राज्य है जिसने सभी कक्षाओं में एआई को अनिवार्य मुख्य विषय बना दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव छात्रों को आलोचनात्मक सोच, समस्या‑समाधान कौशल और मशीन लर्निंग व डेटा साइंस की बुनियादी समझ विकसित करने में मदद करेगा।
सरकार अगले शैक्षणिक वर्ष में पाठ्यक्रम को लागू करने की योजना बना रही है, और पहले से ही चयनित स्कूलों में पायलट कार्यक्रम चल रहे हैं। यह पहल पंजाब की शिक्षा प्रणाली को वैश्विक तकनीकी शिक्षा मानकों के अनुरूप बनाने का लक्ष्य रखती है।