📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / AYUSHI SAINI
राजनीति
पंजाब के नेता ने हरियाणा के सीएम पर महिलाओं व युवाओं का शोषण करने का आरोप लगाया
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 16 सित. 2026, 07:46 PM
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पंजाब के नेता सैनी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री पर महिलाओं व युवाओं का शोषण करने का आरोप लगाया, यह कहते हुए कि हरियाणा ने पहले साल से ही महिलाओं के खातों में ₹2,100 जमा करना शुरू कर दिया था, जबकि पंजाब में अब केवल ₹1,000 देने की बात हो रही है।
सैनी, पंजाब के एक प्रमुख राजनीतिक नेता, चंडीगढ़ में एक रैली के दौरान हरियाणा सरकार की महिलाओं और युवाओं के प्रति नीतियों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री पर महिलाओं और युवाओं का शोषण करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य के वादे पूरे नहीं हुए हैं।
उन्होंने बताया कि हरियाणा ने पहले ही अपने कार्यक्रम के पहले वर्ष से महिलाओं के बैंक खातों में ₹2,100 जमा करना शुरू कर दिया है, जिसे उन्होंने वित्तीय समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इसके विपरीत, सैनी ने कहा कि पंजाब में महिलाओं को ₹1,000 देने की चर्चा केवल एक देर से और कमतर प्रयास है।
सैनी के बयानों ने पंजाब के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में अंतरराज्यीय सामाजिक कल्याण पहलों में असमानता के प्रति बढ़ती चिंता को उजागर किया है। उन्होंने पंजाब सरकार से आग्रह किया कि वह अपने कार्यक्रमों को तेज करे और सुनिश्चित करे कि महिलाओं को समय पर सहायता मिले।
हरियाणा सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि पंजाब में विपक्षी दलों ने राज्य के कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा करने का आह्वान किया है ताकि वे पड़ोसी राज्यों के मानकों के बराबर या उनसे बेहतर हों।
उन्होंने बताया कि हरियाणा ने पहले ही अपने कार्यक्रम के पहले वर्ष से महिलाओं के बैंक खातों में ₹2,100 जमा करना शुरू कर दिया है, जिसे उन्होंने वित्तीय समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इसके विपरीत, सैनी ने कहा कि पंजाब में महिलाओं को ₹1,000 देने की चर्चा केवल एक देर से और कमतर प्रयास है।
सैनी के बयानों ने पंजाब के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में अंतरराज्यीय सामाजिक कल्याण पहलों में असमानता के प्रति बढ़ती चिंता को उजागर किया है। उन्होंने पंजाब सरकार से आग्रह किया कि वह अपने कार्यक्रमों को तेज करे और सुनिश्चित करे कि महिलाओं को समय पर सहायता मिले।
हरियाणा सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि पंजाब में विपक्षी दलों ने राज्य के कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा करने का आह्वान किया है ताकि वे पड़ोसी राज्यों के मानकों के बराबर या उनसे बेहतर हों।