📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
अपराध
पंजाब हाईकोर्ट ने सुरक्षा याचिका को खारिज किया, सबूतों की कमी बताई
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 15 सित. 2026, 08:39 PM
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पंजाब हाईकोर्ट के जस्टिस आलोक जैन ने पिता के लिए सुरक्षा याचिका को खारिज कर दिया, क्योंकि कोई ठोस खतरे का प्रमाण नहीं था। अदालत ने कहा कि यह याचिका कानूनी प्रक्रिया के आड़ में संबंध छिपाने का प्रयास लगती है।
जस्टिस आलोक जैन ने पंजाब हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पिता के लिए सुरक्षा याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता ने कथित खतरे का दावा किया, परंतु ठोस या विशिष्ट सबूत प्रस्तुत नहीं कर सके।
अदालत ने टिप्पणी की कि याचिका में तथ्यात्मक आधार की कमी है और यह कानूनी प्रक्रिया के आड़ में किसी व्यक्तिगत संबंध को छिपाने का प्रयास प्रतीत होता है। इसलिए, याचिका को अस्वीकार कर दिया गया।
इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा आदेश देने से पहले ठोस साक्ष्य अनिवार्य हैं। यह न्यायिक प्रणाली में दुरुपयोग को रोकने के लिए एक चेतावनी भी है।
सुनवाई संक्षिप्त रही, और अदालत ने कानूनी मानकों को बनाए रखने तथा न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग से बचने के महत्व पर बल दिया।
अदालत ने टिप्पणी की कि याचिका में तथ्यात्मक आधार की कमी है और यह कानूनी प्रक्रिया के आड़ में किसी व्यक्तिगत संबंध को छिपाने का प्रयास प्रतीत होता है। इसलिए, याचिका को अस्वीकार कर दिया गया।
इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा आदेश देने से पहले ठोस साक्ष्य अनिवार्य हैं। यह न्यायिक प्रणाली में दुरुपयोग को रोकने के लिए एक चेतावनी भी है।
सुनवाई संक्षिप्त रही, और अदालत ने कानूनी मानकों को बनाए रखने तथा न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग से बचने के महत्व पर बल दिया।