📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Raakesh Blokhra
अपराध
पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने बलात्कार दोषी को बिना चोट के कारण बरी किया
✍️ Live Law
🗓 24 जुल. 2026, 12:33 PM
👁 3
पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने 22‑वर्षीय के बलात्कार के दोषी को बिना चोट के कारण बरी कर दिया।
पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक निर्णय में 22‑वर्षीय महिला के बलात्कार के दोषी को बरी कर दिया। न्यायालय ने पाया कि पीड़िता पर कोई शारीरिक चोट नहीं थी, जिससे अभियोजन पक्ष द्वारा दावित हिंसक संघर्ष की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।
अधिकारियों ने निर्णय में यह बताया कि शारीरिक चोटों की अनुपस्थिति बलात्कार के दावे की विश्वसनीयता को कमजोर करती है। न्यायाधीश ने बलात्कार के आरोपों की पुष्टि के लिए शारीरिक साक्ष्यों के महत्व पर बल दिया।
यह फैसला एक लंबी सुनवाई के बाद आया, जिसमें आरोपी को पहले बलात्कार के लिए दोषी ठहराया गया था। न्यायालय का यह निर्णय समान मामलों में शारीरिक साक्ष्य की कमी के बावजूद दोषसिद्धि पर पुनर्विचार की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय ऐसे मामलों की समीक्षा को प्रोत्साहित कर सकता है जहाँ शारीरिक साक्ष्य स्पष्ट नहीं होते, और साक्ष्य-आधारित जांच की अनिवार्यता पर जोर देता है।
अधिकारियों ने निर्णय में यह बताया कि शारीरिक चोटों की अनुपस्थिति बलात्कार के दावे की विश्वसनीयता को कमजोर करती है। न्यायाधीश ने बलात्कार के आरोपों की पुष्टि के लिए शारीरिक साक्ष्यों के महत्व पर बल दिया।
यह फैसला एक लंबी सुनवाई के बाद आया, जिसमें आरोपी को पहले बलात्कार के लिए दोषी ठहराया गया था। न्यायालय का यह निर्णय समान मामलों में शारीरिक साक्ष्य की कमी के बावजूद दोषसिद्धि पर पुनर्विचार की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय ऐसे मामलों की समीक्षा को प्रोत्साहित कर सकता है जहाँ शारीरिक साक्ष्य स्पष्ट नहीं होते, और साक्ष्य-आधारित जांच की अनिवार्यता पर जोर देता है।