📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Raakesh Blokhra
नौकरी
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा, वर्तमान ड्यूटी चार्ज सेवा को नियमित सेवा नहीं माना जाएगा
✍️ Live Law
🗓 09 सित. 2026, 07:42 AM
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि वर्तमान ड्यूटी चार्ज पर दी गई सेवा को नियमित सेवा नहीं माना जा सकता, इसलिए पदोन्नति के लिए इसका उपयोग नहीं किया जा सकता। केवल वास्तविक नियमित सेवा ही पदोन्नति की पात्रता निर्धारित करेगी।
इस निर्णय का कारण एक याचिका थी, जिसमें एक सरकारी कर्मचारी ने वर्तमान ड्यूटी चार्ज पर अपनी सेवा के आधार पर पदोन्नति से इनकार करने की बात कही थी। पीठ ने कहा कि ऐसा चार्ज अस्थायी प्रकृति का होता है और लागू सेवा नियमों के तहत नियमित सेवा का दर्जा नहीं देता।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति की पात्रता के लिए केवल सतत, वास्तविक नियमित सेवा की अवधि ही मानी जाएगी। वर्तमान ड्यूटी चार्ज पर की गई सेवा, जो केवल एक 임시 व्यवस्था है, उसे नियमित सेवा के समान नहीं माना जा सकता।
इस फैसले से पंजाब और हरियाणा में उन कई कर्मचारियों पर असर पड़ेगा जो कार्यवाहक या चार्ज पद पर अपनी सेवा दे रहे थे और उम्मीद कर रहे थे कि इस अवधि को उनकी पदोन्नति के लिए जोड़ा जाएगा। अब प्रशासन को इस व्याख्या के अनुरूप वरिष्ठता और पदोन्नति सूचियों को संशोधित करना होगा।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति की पात्रता के लिए केवल सतत, वास्तविक नियमित सेवा की अवधि ही मानी जाएगी। वर्तमान ड्यूटी चार्ज पर की गई सेवा, जो केवल एक 임시 व्यवस्था है, उसे नियमित सेवा के समान नहीं माना जा सकता।
इस फैसले से पंजाब और हरियाणा में उन कई कर्मचारियों पर असर पड़ेगा जो कार्यवाहक या चार्ज पद पर अपनी सेवा दे रहे थे और उम्मीद कर रहे थे कि इस अवधि को उनकी पदोन्नति के लिए जोड़ा जाएगा। अब प्रशासन को इस व्याख्या के अनुरूप वरिष्ठता और पदोन्नति सूचियों को संशोधित करना होगा।