📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
नौकरी
पंजाब‑हरियाणा हाईकोर्ट ने पीआरटीसी कर्मचारियों की नियमितीकरण को उलटा
✍️ The Indian Express
🗓 18 सित. 2026, 03:16 AM
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पंजाब‑हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के कर्मचारियों की नियमितीकरण को रद्द कर उनके पूर्व अनुबंधित पद पर वापस ला दिया है।
पंजाब‑हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (पीआरटीसी) के कर्मचारियों को दी गई नियमितीकरण को रद्द करने का आदेश दिया है। यह फैसला पहले के आदेश को निरस्त करता है, जिसमें अनुबंधित कर्मचारियों को स्थायी पद में बदलने की बात थी।
अदालत ने बताया कि नियमितीकरण प्रक्रिया में कई प्रक्रियात्मक त्रुटियां थीं, इसलिए वह पूर्व स्थिति को पुनर्स्थापित कर रही है। इस निर्णय से उन कर्मचारियों की संख्या प्रभावित होगी, जो स्थायी रोजगार के साथ मिलने वाले सुरक्षा और लाभों की उम्मीद कर रहे थे।
पीआरटीसी के कुछ कर्मचारियों ने इस प्रक्रिया को वैधानिक मानदंडों के विरुद्ध मानते हुए न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायालय का हस्तक्षेप सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले प्रशासनिक कार्यों की निगरानी में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है।
इस रद्दीकरण के कारण वेतन, सेवा शर्तें और भविष्य की भर्ती नीतियों पर तत्काल प्रभाव पड़ेगा। पीआरटीसी के अधिकारियों को अदालत के आदेश का पालन करते हुए संभावित सुधारात्मक कदमों पर विचार करने को कहा गया है।
श्रम संघ और यात्रियों सहित कई हितधारक इस विकास को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि यह अन्य राज्य‑स्वामित्व वाले उद्यमों में समान नियमितीकरण योजनाओं के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
अदालत ने बताया कि नियमितीकरण प्रक्रिया में कई प्रक्रियात्मक त्रुटियां थीं, इसलिए वह पूर्व स्थिति को पुनर्स्थापित कर रही है। इस निर्णय से उन कर्मचारियों की संख्या प्रभावित होगी, जो स्थायी रोजगार के साथ मिलने वाले सुरक्षा और लाभों की उम्मीद कर रहे थे।
पीआरटीसी के कुछ कर्मचारियों ने इस प्रक्रिया को वैधानिक मानदंडों के विरुद्ध मानते हुए न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायालय का हस्तक्षेप सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले प्रशासनिक कार्यों की निगरानी में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है।
इस रद्दीकरण के कारण वेतन, सेवा शर्तें और भविष्य की भर्ती नीतियों पर तत्काल प्रभाव पड़ेगा। पीआरटीसी के अधिकारियों को अदालत के आदेश का पालन करते हुए संभावित सुधारात्मक कदमों पर विचार करने को कहा गया है।
श्रम संघ और यात्रियों सहित कई हितधारक इस विकास को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि यह अन्य राज्य‑स्वामित्व वाले उद्यमों में समान नियमितीकरण योजनाओं के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।