📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
पंजाब के विकास के लिए केंद्र से तालमेल, 25 साल बाद साद‑भाजपा गठबंधन की वापसी का संकेत
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 22 अग. 2026, 03:37 PM
👁 5
वरिष्ठ नेता हरसिमरत ने कहा कि पंजाब का विकास केंद्र के सहयोग पर निर्भर है, जिससे 25 साल पुराना साद‑भाजपा गठबंधन फिर से जुड़ सकता है।
वरिष्ठ राजनेता हरसिमरत ने पत्रकारों को बताया कि राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ स्पष्ट समन्वय तंत्र के बिना कोई प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढाँचा, कृषि सुधार और औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों में पंजाब की नीतियों को नई दिल्ली के साथ जोड़ना आवश्यक है।
यह बयान तब आया है जब शिरोमणि अकाली दल (साद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच दो दशकों से अधिक समय से टूटे गठबंधन को फिर से जोड़ने की अटकलें तेज हो रही हैं। 1998 के बाद से अलग हुए इन दो दलों ने हाल ही में राजधानी में अनौपचारिक मुलाक़ातें की हैं, जिससे गठबंधन की वापसी की संभावना बन रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि साद‑भाजपा गठबंधन फिर से स्थापित होता है तो यह आगामी विधानसभा चुनावों में राज्य की राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है। यह गठबंधन हरसिमरत द्वारा उजागर किए गए केंद्र‑राज्य तालमेल को साकार कर सकता है और वह क्षेत्र जहाँ भाजपा को अकेले बहुमत हासिल करने में कठिनाई होती है, वहाँ उसकी पकड़ मजबूत कर सकता है।
यह बयान तब आया है जब शिरोमणि अकाली दल (साद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच दो दशकों से अधिक समय से टूटे गठबंधन को फिर से जोड़ने की अटकलें तेज हो रही हैं। 1998 के बाद से अलग हुए इन दो दलों ने हाल ही में राजधानी में अनौपचारिक मुलाक़ातें की हैं, जिससे गठबंधन की वापसी की संभावना बन रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि साद‑भाजपा गठबंधन फिर से स्थापित होता है तो यह आगामी विधानसभा चुनावों में राज्य की राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है। यह गठबंधन हरसिमरत द्वारा उजागर किए गए केंद्र‑राज्य तालमेल को साकार कर सकता है और वह क्षेत्र जहाँ भाजपा को अकेले बहुमत हासिल करने में कठिनाई होती है, वहाँ उसकी पकड़ मजबूत कर सकता है।