📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / News18 Punjab/Haryana/Himachal
राजनीति
पंजाब के सीएम भगवंत मान 20 सितंबर को धूरी से शुरू करेंगे राज्यव्यापी डोर‑टू‑डोर अभियान
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 19 सित. 2026, 10:31 AM
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मुख्यमंत्री भगवंत मान 20 सितंबर को अपनी धूरी विधानसभा सीट से शुरू करके पूरे पंजाब में मेगा डोर‑टू‑डोर चुनावी अभियान शुरू करेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि 20 सितंबर को पूरे पंजाब में मेगा डोर‑टू‑डोर चुनावी अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान, जो मतदाताओं तक सीधे पहुँचने के उद्देश्य से है, उनकी धूरी विधानसभा सीट से आरंभ होगा, जिससे आगामी चुनावों से पहले व्यापक जनसंपर्क की शुरुआत का संकेत मिलता है।
डोर‑टू‑डोर पहल को "मेगा" ऑपरेशन बताया गया है, जिसमें पार्टी के कार्यकर्ता और स्वयंसेवक राज्य भर के घरों का दौरा करेंगे, सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे। धूरी से अभियान शुरू करके मान इस क्षेत्र के अपने राजनीतिक रणनीति में प्रतीकात्मक महत्व को रेखांकित कर रहे हैं।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान कई हफ्तों तक चलेगा, जिसमें स्थानीय सभाओं और रैलियों को भी समन्वित किया जाएगा। यह कदम भारतीय राजनीतिक दलों के बीच एक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जहाँ प्रत्यक्ष जनसंपर्क को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी प्रत्यक्ष संपर्क से मतदाता भावना पर असर पड़ सकता है, विशेषकर ग्रामीण और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में जहाँ व्यक्तिगत संपर्क अभी भी महत्वपूर्ण है। धूरी से अभियान शुरू करने का निर्णय मान के समर्थन आधार को मजबूत करने की दिशा में भी हो सकता है।
चुनाव आयोग को इस समय‑सारिणी की सूचना दे दी गई है और सुरक्षा प्रबंधों को सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां की जा रही हैं, ताकि पंजाब में डोर‑टू‑डोर गतिविधियों का सुगम संचालन हो सके।
डोर‑टू‑डोर पहल को "मेगा" ऑपरेशन बताया गया है, जिसमें पार्टी के कार्यकर्ता और स्वयंसेवक राज्य भर के घरों का दौरा करेंगे, सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे। धूरी से अभियान शुरू करके मान इस क्षेत्र के अपने राजनीतिक रणनीति में प्रतीकात्मक महत्व को रेखांकित कर रहे हैं।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान कई हफ्तों तक चलेगा, जिसमें स्थानीय सभाओं और रैलियों को भी समन्वित किया जाएगा। यह कदम भारतीय राजनीतिक दलों के बीच एक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जहाँ प्रत्यक्ष जनसंपर्क को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी प्रत्यक्ष संपर्क से मतदाता भावना पर असर पड़ सकता है, विशेषकर ग्रामीण और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में जहाँ व्यक्तिगत संपर्क अभी भी महत्वपूर्ण है। धूरी से अभियान शुरू करने का निर्णय मान के समर्थन आधार को मजबूत करने की दिशा में भी हो सकता है।
चुनाव आयोग को इस समय‑सारिणी की सूचना दे दी गई है और सुरक्षा प्रबंधों को सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां की जा रही हैं, ताकि पंजाब में डोर‑टू‑डोर गतिविधियों का सुगम संचालन हो सके।