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सहमति से बने रिश्तों में शादी का वादा दुष्कर्म के आरोप के लिए पर्याप्त नहीं: छत्तीसगढ़ HC
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amiyashrivastava (talk) (Uploads)
अपराध

सहमति से बने रिश्तों में शादी का वादा दुष्कर्म के आरोप के लिए पर्याप्त नहीं: छत्तीसगढ़ HC

✍️ Court Book 🗓 30 जून 2026, 03:02 PM 👁 41
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि लंबे समय से चले आ रहे सहमति से बने रिश्ते में दुष्कर्म का आरोप स्थापित करने के लिए शादी का वादा पर्याप्त नहीं है।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सहमति से बने रिश्ते में शादी के टूटे वादे से उत्पन्न दुष्कर्म के आरोपों से जुड़े मामलों पर अपना रुख स्पष्ट किया है। न्यायालय ने संकेत दिया है कि केवल शादी का वादा, विशेष रूप से लंबे समय से चले आ रहे सहमति से बने संबंध के संदर्भ में, आरोपी पर दुष्कर्म का मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हो सकता है।

यह फैसला न्यायपालिका द्वारा एक सूक्ष्म दृष्टिकोण का सुझाव देता है, जो झूठे वादे और समय के साथ विकसित होने वाले रिश्तों की जटिलताओं के बीच अंतर करता है। अदालत की व्याख्या रिश्ते की सहमति वाली प्रकृति पर जोर देती है, जिसका अर्थ है कि शादी का वादा अकेले सहमति से हुए कृत्य को गैर-सहमति वाले कृत्य में स्वचालित रूप से परिवर्तित नहीं करता है, यदि रिश्ता स्वेच्छा से शुरू हुआ था।

कानूनी विशेषज्ञ इसे ऐसे आरोपों के आसपास के इरादे और परिस्थितियों की अधिक बारीकी से जांच करने के निर्देश के रूप में व्याख्या करते हैं। ध्यान इस बात पर केंद्रित प्रतीत होता है कि क्या वादा सहमति को मजबूर करने के लिए शुरू से ही एक झूठा बहाना था, या यह एक ऐसे रिश्ते के भीतर एक वास्तविक समझ थी जिसे बाद में अप्रत्याशित परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
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