📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / The Times of India
राजनीति
प्रिया गांधी पर 'गाय के मूत्र' टिप्पणी के लिए आलोचना
✍️ NDTV
🗓 30 जुल. 2026, 06:41 PM
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शैक्षणिक जगत ने प्रिया गांधी के 'गाय के मूत्र' टिप्पणी पर आलोचना जताई, कहा कि यह वैज्ञानिक मनोभाव को कमजोर करता है।
पिछले दिन, पूर्व सांसद प्रिया गांधी ने एक आईआईटी प्रोफेसर को "गाय के मूत्र" कहकर अपमानित किया, जिससे शैक्षणिक जगत में गहरा आक्रोश पैदा हुआ।
इसके जवाब में, कई शैक्षणिकों ने एक खुला पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने इस टिप्पणी की निंदा की और कहा कि ऐसे अपमानजनक शब्दों से शैक्षणिक कार्य की वास्तविकता से ध्यान हट जाता है और संविधान में निहित वैज्ञानिक मनोभाव को कमजोर किया जाता है।
पत्र में राजनीतिक नेताओं से आग्रह किया गया कि वे तर्कसंगत जाँच के सिद्धांतों का पालन करें और शैक्षणिकों के प्रति अपमानजनक भाषा से बचें।
इस घटना ने अभिव्यक्ति की आज़ादी, शैक्षणिक सम्मान और राजनीतिक हस्तियों के सार्वजनिक संवाद में भूमिका पर नई बहस को जन्म दिया।
इसके जवाब में, कई शैक्षणिकों ने एक खुला पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने इस टिप्पणी की निंदा की और कहा कि ऐसे अपमानजनक शब्दों से शैक्षणिक कार्य की वास्तविकता से ध्यान हट जाता है और संविधान में निहित वैज्ञानिक मनोभाव को कमजोर किया जाता है।
पत्र में राजनीतिक नेताओं से आग्रह किया गया कि वे तर्कसंगत जाँच के सिद्धांतों का पालन करें और शैक्षणिकों के प्रति अपमानजनक भाषा से बचें।
इस घटना ने अभिव्यक्ति की आज़ादी, शैक्षणिक सम्मान और राजनीतिक हस्तियों के सार्वजनिक संवाद में भूमिका पर नई बहस को जन्म दिया।