📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gtmkumar57
मौसम
बाढ़ के खतरे में राघोपुर में 71 ट्रांसफॉर्मर की बिजली कटौती
✍️ Amar Ujala · Muzaffarpur
🗓 03 सित. 2026, 05:17 PM
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बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए वैशाली के राघोपुर में 71 ट्रांसफॉर्मरों की बिजली आपूर्ति रोक दी गई, जिससे कई पंचायतों में अंधेरा और पानी की आपूर्ति में बाधा आई।
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए 71 ट्रांसफॉर्मरों की बिजली आपूर्ति सुरक्षा कारणों से रोक दी गई। यह कदम राज्य विद्युत बोर्ड ने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ मिलकर लिया, ताकि जलजमाव से उपकरणों में शॉर्ट‑सर्किट या दुर्घटना न हो।
अधिकारियों ने बताया कि कई निचले इलाकों में पहले से ही पानी भर चुका है और पानी में डूबे उपकरणों से गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकता है, इसलिए यह पूर्वसतर्कता उपाय आवश्यक था।
बिजली कटौती से कई पंचायतों में अंधेरा छा गया, जिससे लोग मैनबत्तियों और बैटरी लाइटों पर निर्भर हो गए। साथ ही, पंपों की कार्यवाही रुकने से पेयजल की उपलब्धता में भी कठिनाई बढ़ गई, जबकि बाढ़ से पहले से ही पानी की समस्या बनी हुई थी।
स्थानीय प्रशासन ने स्वास्थ्य केंद्र और स्कूलों जैसे आवश्यक स्थानों पर मोबाइल जनरेटर तैनात किए हैं और इंजीनियर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। जल स्तर घटने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही बिजली की आपूर्ति फिर से शुरू की जाएगी।
यह घटना बिहार की ग्रामीण बुनियादी ढांचे की मौसमी बाढ़ के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को उजागर करती है और बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में तेज़ विद्युत्‑अपग्रेड की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।
अधिकारियों ने बताया कि कई निचले इलाकों में पहले से ही पानी भर चुका है और पानी में डूबे उपकरणों से गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकता है, इसलिए यह पूर्वसतर्कता उपाय आवश्यक था।
बिजली कटौती से कई पंचायतों में अंधेरा छा गया, जिससे लोग मैनबत्तियों और बैटरी लाइटों पर निर्भर हो गए। साथ ही, पंपों की कार्यवाही रुकने से पेयजल की उपलब्धता में भी कठिनाई बढ़ गई, जबकि बाढ़ से पहले से ही पानी की समस्या बनी हुई थी।
स्थानीय प्रशासन ने स्वास्थ्य केंद्र और स्कूलों जैसे आवश्यक स्थानों पर मोबाइल जनरेटर तैनात किए हैं और इंजीनियर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। जल स्तर घटने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही बिजली की आपूर्ति फिर से शुरू की जाएगी।
यह घटना बिहार की ग्रामीण बुनियादी ढांचे की मौसमी बाढ़ के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को उजागर करती है और बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में तेज़ विद्युत्‑अपग्रेड की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।