📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jaypee University
शिक्षा
गुना के स्कूल फैंसी‑ड्रेस शो में राजनीतिक संदेश पर विरोध, NHRC ने जांच का आदेश
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 17 अक्टू. 2026, 08:31 AM
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गुना के एक निजी स्कूल में छात्रा के सामाजिक‑राजनीतिक संदेशों वाले फैंसी‑ड्रेस प्रस्तुति पर ABVP और सकल हिंदू समाज ने विरोध किया, और NHRC ने दो हफ्ते में कार्रवाई रिपोर्ट देने का आदेश दिया।
गुना, मध्य प्रदेश के एक निजी स्कूल ने पिछले हफ्ते अपना वार्षिक फैंसी‑ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित किया। एक छात्रा ने मंच पर ऐसे पोशाक और नारे प्रस्तुत किए जो समकालीन सामाजिक‑राजनीतिक मुद्दों को उजागर करते थे, जिससे उपस्थित लोगों का ध्यान तुरंत आकर्षित हुआ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और सकल हिंदू समाज के कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, यह आरोप लगाते हुए कि इस कार्यक्रम ने छात्रों के सांस्कृतिक आयोजन को राजनीति से जोड़ दिया है। उन्होंने विवादास्पद सामग्री को हटाने और आयोजकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
इसके जवाब में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्कूल प्रशासन को औपचारिक नोटिस जारी किया, जिसमें घटना की विस्तृत रिपोर्ट और उठाए गए कदमों को दो हफ्तों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। आयोग ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
यह विवाद भारत में शैक्षणिक संस्थानों में अभिव्यक्ति की सीमाओं पर व्यापक चर्चा को फिर से उजागर कर रहा है, विशेषकर जब राजनीतिक सामग्री शामिल हो। स्कूल ने कहा है कि भविष्य में इसी प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए अपने कार्यक्रम दिशानिर्देशों की समीक्षा करेगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और सकल हिंदू समाज के कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, यह आरोप लगाते हुए कि इस कार्यक्रम ने छात्रों के सांस्कृतिक आयोजन को राजनीति से जोड़ दिया है। उन्होंने विवादास्पद सामग्री को हटाने और आयोजकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
इसके जवाब में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्कूल प्रशासन को औपचारिक नोटिस जारी किया, जिसमें घटना की विस्तृत रिपोर्ट और उठाए गए कदमों को दो हफ्तों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। आयोग ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
यह विवाद भारत में शैक्षणिक संस्थानों में अभिव्यक्ति की सीमाओं पर व्यापक चर्चा को फिर से उजागर कर रहा है, विशेषकर जब राजनीतिक सामग्री शामिल हो। स्कूल ने कहा है कि भविष्य में इसी प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए अपने कार्यक्रम दिशानिर्देशों की समीक्षा करेगा।