📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Satyanarayan Mahapatra
मनोरंजन
बिहार राज्यगीत के रचनाकार कवि सत्यनारायण का निधन, उम्र ७४
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 28 अग. 2026, 07:38 PM
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बिहार के राज्यगीत के रचनाकार और 1974 के जेपी आंदोलन के प्रमुख कवि सत्यनारायण का ७४ वर्ष की आयु में निधन, साहित्य जगत में शोक की लहर।
पटना, बिहार – बिहार के आधिकारिक राज्यगीत के रचनाकार एवं अनुभवी कवि सत्यनारायण का ७४ वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका निधन पटना से रिपोर्ट किया गया, जहाँ उन्होंने अपने साहित्यिक करियर का अधिकांश समय बिताया।
सत्यनारायण 1974 के जेपी आंदोलन के दौरान अपने प्रभावशाली कविताओं से प्रमुख पहचान बन गए, जब उनके शब्दों ने युवा वर्ग की आशाओं और प्रतिरोध की भावना को उजागर किया। सात दशकों से अधिक समय तक उन्होंने हिंदी और भोजपुरी दोनों साहित्य में कविताएँ, गीत और निबंध लिखे, जो प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण हिस्से बन गए हैं।
राज्य के साहित्यिक जगत ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया, यह कहा कि उनके कार्य न केवल एक पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते थे, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को भी समृद्ध किया। कई संस्थानों ने उनके स्मरण में कार्यक्रम आयोजित करने और राज्यगीत को सम्मानित करने का ऐलान किया है।
पटना में अंतिम संस्कार की तैयारियाँ चल रही हैं, और विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों ने उनकी विरासत को सम्मानित करने हेतु स्मृति समारोहों की योजना बनाई है।
सत्यनारायण 1974 के जेपी आंदोलन के दौरान अपने प्रभावशाली कविताओं से प्रमुख पहचान बन गए, जब उनके शब्दों ने युवा वर्ग की आशाओं और प्रतिरोध की भावना को उजागर किया। सात दशकों से अधिक समय तक उन्होंने हिंदी और भोजपुरी दोनों साहित्य में कविताएँ, गीत और निबंध लिखे, जो प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण हिस्से बन गए हैं।
राज्य के साहित्यिक जगत ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया, यह कहा कि उनके कार्य न केवल एक पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते थे, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को भी समृद्ध किया। कई संस्थानों ने उनके स्मरण में कार्यक्रम आयोजित करने और राज्यगीत को सम्मानित करने का ऐलान किया है।
पटना में अंतिम संस्कार की तैयारियाँ चल रही हैं, और विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों ने उनकी विरासत को सम्मानित करने हेतु स्मृति समारोहों की योजना बनाई है।