📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prof tpms
शिक्षा
पीएम-सेतु योजना ने कर्नाटक के 48 आईटीआई को 241 करोड़ रुपये से नवीनीकृत किया
✍️ The Economic Times
🗓 05 सित. 2026, 01:03 AM
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केंद्रीय सरकार की पीएम-सेतु योजना कर्नाटक के 48 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को 241 करोड़ रुपये की राशि से आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखती है।
प्रधानमंत्री स्किल एन्हांसमेंट एंड ट्रेनिंग फॉर यूथ (पीएम‑सेतु) योजना ने कर्नाटक के 48 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के आधुनिकीकरण के लिए कुल 241 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस फंड से मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर का नवीनीकरण, उन्नत उपकरणों की स्थापना और डिजिटल लर्निंग सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा, जिससे संस्थानों को उद्योग मानकों के अनुरूप बनाया जा सकेगा।
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, जो पीएम‑सेतु योजना का संचालन करता है, ने कहा कि यह निवेश राज्य के युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाने और विनिर्माण, ऑटोमोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कौशल अंतर को पाटने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। राज्य के अधिकारी प्रत्येक संस्थान की विशिष्ट आवश्यकताओं को पहचानने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय करेंगे।
कार्यान्वयन अगले कुछ हफ्तों में शुरू होने की संभावना है, जिसमें पहला चरण उन संस्थानों को प्राथमिकता देगा जिनमें बुनियादी सुविधाएँ और आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण की कमी है। योजना में प्रशिक्षकों के विकास और उद्योग‑साझेदारियों के लिए प्रावधान भी शामिल हैं, ताकि पाठ्यक्रम हमेशा प्रासंगिक बना रहे।
हितधारकों का मानना है कि उन्नत आईटीआई अधिक प्रशिक्षु आकर्षित करेंगे और प्लेसमेंट दर में सुधार होगा, जिससे कर्नाटक की आर्थिक वृद्धि और भारत के कुशल कार्यबल निर्माण के राष्ट्रीय लक्ष्य को बल मिलेगा।
पीएम‑सेतु पहल, जिसे 2022 में शुरू किया गया था, अब भी केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से समर्थन प्राप्त कर रही है और भारत की कौशल‑निर्माण रणनीति का एक मुख्य स्तंभ बनी हुई है।
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, जो पीएम‑सेतु योजना का संचालन करता है, ने कहा कि यह निवेश राज्य के युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाने और विनिर्माण, ऑटोमोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कौशल अंतर को पाटने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। राज्य के अधिकारी प्रत्येक संस्थान की विशिष्ट आवश्यकताओं को पहचानने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय करेंगे।
कार्यान्वयन अगले कुछ हफ्तों में शुरू होने की संभावना है, जिसमें पहला चरण उन संस्थानों को प्राथमिकता देगा जिनमें बुनियादी सुविधाएँ और आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण की कमी है। योजना में प्रशिक्षकों के विकास और उद्योग‑साझेदारियों के लिए प्रावधान भी शामिल हैं, ताकि पाठ्यक्रम हमेशा प्रासंगिक बना रहे।
हितधारकों का मानना है कि उन्नत आईटीआई अधिक प्रशिक्षु आकर्षित करेंगे और प्लेसमेंट दर में सुधार होगा, जिससे कर्नाटक की आर्थिक वृद्धि और भारत के कुशल कार्यबल निर्माण के राष्ट्रीय लक्ष्य को बल मिलेगा।
पीएम‑सेतु पहल, जिसे 2022 में शुरू किया गया था, अब भी केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से समर्थन प्राप्त कर रही है और भारत की कौशल‑निर्माण रणनीति का एक मुख्य स्तंभ बनी हुई है।