📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
धर्म
अमरकंटक यात्रा से पहले धरहर में स्वयंभू गणेश मंदिर, प्रतिमा का आकार लगातार बढ़ता
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 06 सित. 2026, 04:02 PM
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अमरकंटक की यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालु धरहर के प्राचीन स्वयंभू गणेश मंदिर में रुकते हैं, मानते हैं कि दर्शन से नर्मदा पूजा पूर्ण होती है, और प्रतिमा का आकार लगातार बढ़ता है।
मध्य प्रदेश के धरहर में स्थित प्राचीन स्वयंभू गणेश मंदिर, अमरकंटक की पवित्र यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं के लिये अनिवार्य ठहराव बन गया है। घने जंगल के बीच स्थित यह मंदिर एक अनोखी गणेश प्रतिमा को समेटे हुए है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह बिना किसी शिल्पकार के स्वयं प्रकट हुई थी।
स्थानीय मान्यता के अनुसार, धरहर में गणेश दर्शन करने से ही नर्मदा पूजा पूर्ण मानी जाती है, जो अमरकंटक में नर्मदा स्नान की तैयारी के लिये अत्यावश्यक है। श्रद्धालु मानते हैं कि इस मंदिर में प्रार्थना करने के बाद ही उनका धार्मिक कर्तव्य पूरा होता है।
एक लोकप्रिय कथा के अनुसार, गणेश प्रतिमा का आकार साल दर साल धीरे‑धीरे बढ़ रहा है। जबकि इस परिवर्तन को सिद्ध करने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, यह कहानी मंदिर की रहस्यात्मकता को बढ़ाती है और इस क्षेत्रीय तीर्थयात्रा मार्ग में इसकी महत्ता को और दृढ़ करती है।
स्थानीय मान्यता के अनुसार, धरहर में गणेश दर्शन करने से ही नर्मदा पूजा पूर्ण मानी जाती है, जो अमरकंटक में नर्मदा स्नान की तैयारी के लिये अत्यावश्यक है। श्रद्धालु मानते हैं कि इस मंदिर में प्रार्थना करने के बाद ही उनका धार्मिक कर्तव्य पूरा होता है।
एक लोकप्रिय कथा के अनुसार, गणेश प्रतिमा का आकार साल दर साल धीरे‑धीरे बढ़ रहा है। जबकि इस परिवर्तन को सिद्ध करने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, यह कहानी मंदिर की रहस्यात्मकता को बढ़ाती है और इस क्षेत्रीय तीर्थयात्रा मार्ग में इसकी महत्ता को और दृढ़ करती है।