📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bernard Gagnon
अपराध
गुजरात में घरेलू हिंसा का नया हथियार: फोन से वंचित करना
✍️ The Times of India
🗓 25 अग. 2026, 03:04 AM
👁 8
एक नई रिपोर्ट बताती है कि गुजरात में मोबाइल फोन से वंचित करना घरेलू हिंसा का नया रूप बन रहा है, जिससे पीड़ितों की समस्याएँ बढ़ रही हैं।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक हालिया जांच से पता चला है कि गुजरात में कई पति‑पत्नी के बीच मोबाइल फोन तक पहुंच को रोकना नियंत्रण और डराने‑डराने का नया तरीका बन गया है। यह तरीका, जिसे आधुनिक घरेलू हिंसा का रूप कहा गया है, पीड़ितों को मदद माँगने, परिवार से संपर्क करने या पुलिस को रिपोर्ट करने से रोकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टफ़ोन पर बढ़ती निर्भरता का फायदा उठाकर इस प्रकार की मनोवैज्ञानिक हिंसा को लागू किया जा रहा है। राज्य की महिला अधिकार संगठनों ने इस पर चिंता जताते हुए पुलिस से अनुरोध किया है कि फोन से वंचित करना भी हिंसा के रूप में मान्यता मिले और मौजूदा सुरक्षा उपायों में इसे शामिल किया जाए।
गुजरात पुलिस ने घरेलू हिंसा की शिकायतों के दौरान इस व्यवहार की पहचान करने के लिए प्रशिक्षण शुरू किया है। साथ ही, कई एनजीओ सार्वजनिक जागरूकता अभियान चला रहे हैं, जिससे परिवार और समुदाय उन महिलाओं का समर्थन कर सकें जिनके फोन से वंचित किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी प्रकार का नियंत्रण जो पीड़ित की संचार स्वतंत्रता को सीमित करता है, वह महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा संरक्षण अधिनियम के तहत दुरुपयोग माना जा सकता है। फोन वंचित करने को एक अपराध के रूप में वर्गीकृत करने की कोशिश से पीड़ित महिलाओं को स्पष्ट कानूनी उपाय मिलेंगे।
आशा की जा रही है कि इस मुद्दे पर बढ़ती जागरूकता से राज्य भर में कड़ी कार्रवाई और बेहतर समर्थन प्रणाली स्थापित होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टफ़ोन पर बढ़ती निर्भरता का फायदा उठाकर इस प्रकार की मनोवैज्ञानिक हिंसा को लागू किया जा रहा है। राज्य की महिला अधिकार संगठनों ने इस पर चिंता जताते हुए पुलिस से अनुरोध किया है कि फोन से वंचित करना भी हिंसा के रूप में मान्यता मिले और मौजूदा सुरक्षा उपायों में इसे शामिल किया जाए।
गुजरात पुलिस ने घरेलू हिंसा की शिकायतों के दौरान इस व्यवहार की पहचान करने के लिए प्रशिक्षण शुरू किया है। साथ ही, कई एनजीओ सार्वजनिक जागरूकता अभियान चला रहे हैं, जिससे परिवार और समुदाय उन महिलाओं का समर्थन कर सकें जिनके फोन से वंचित किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी प्रकार का नियंत्रण जो पीड़ित की संचार स्वतंत्रता को सीमित करता है, वह महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा संरक्षण अधिनियम के तहत दुरुपयोग माना जा सकता है। फोन वंचित करने को एक अपराध के रूप में वर्गीकृत करने की कोशिश से पीड़ित महिलाओं को स्पष्ट कानूनी उपाय मिलेंगे।
आशा की जा रही है कि इस मुद्दे पर बढ़ती जागरूकता से राज्य भर में कड़ी कार्रवाई और बेहतर समर्थन प्रणाली स्थापित होगी।