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पटना सिटी के अगमकुंआथानान्तर्गतहाउसिंग बोर्ड में तमाम फ्लैटधारी को आवास बोर्ड के द्वाराखाली करने का नोटिस दिया गया था
अगमकुंआ थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड के फ्लैटधारीको आवास खाली करने का सुचना दिया गया था। जिसके बाद बहादुरपुर हाउसिंग बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले लोगो ने प्रदर्शन किया जिसमें स्थानीय विधायक भी शामिल हुए
पटना सिटी से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
हाउसिंग बोर्ड
पटना सिटी क्षेत्र के अगमकुआं में थानाअंतर्गत हाउसिंग बोर्ड में तमाम फ्लैट धारी को आवास बोर्ड के द्वारा यह सूचना दी गई थी कि आप लोगफ्लैट फ्लैट खाली करवाई जाएगी इसके बाद बहादुरपुर हाउसिंग बचाओ संघर्ष किया, समिति की बैनर के तले लोगों ने जुलूस प्रदर्शन कर विरोध जताया था लोगों ने प्रदर्शन भी किया था और सरकार तक अपनी आवाज भी पहुंचा था आज स्थानीय विधायक संजय गुप्ता भी आवास बोर्ड में रहने वालों के साथ बैठक में भाग लिया और इस बैठक में भाग लेकर उन्हें कहा कि सरकार तक आपकी आवाज को पहुंचाऊंगा और यहां कोई जोर जबरदस्ती नहीं की जाएगी उन्होंने अभी आश्वासन दिया कि जो भी यहां लोग रहते हैं उनके राय विमर्श से ही कोई कार्य किया जाएगा और सरकार तक हम लोग उनसे आग्रह करके अपनी बात रख कर अपनी समस्याएं बतलाएंगे
बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी में तोड़ने के प्रस्ताव का विरोध
पटना के बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी के एमआईजी पार्क में आवंटियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुम्हरार विधायक संजय गुप्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान एमआईजी फ्लैट के बड़ी संख्या में प्लेटो में रहने वाले ने विधायक के सामने अपनी समस्याएं और आपत्तियां रखीं।
आवंटियों का कहना है कि फ्लैट की स्थिति काफी अच्छी है, इसके बावजूद बिहार राज्य आवास बोर्ड द्वारा मकानों को तोड़कर बहुमंजिली इमारत बनाने की बात कही जा रही है। आवंटियों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी हालत में वे अपने मकानों को तोड़ने नहीं देंगे।
फ्लैट धारी का सवाल है कि बिहार राज्य आवास बोर्ड ने उन्हें फ्लैट 99 साल की लीज पर दिया है और हर साल मेंटेनेंस के नाम पर शुल्क भी लिया जाता है। ऐसे में करीब 40 साल में ही इन मकानों को कमजोर बताकर तोड़ने की बात क्यों की जा रही है। आवंटियों का आरोप है कि आवास बोर्ड ने समय रहते इन मकानों का उचित रखरखाव नहीं किया, जिसके कारण आज उनकी स्थिति ऐसी हुई है।
बताया जा रहा है कि बिहार राज्य आवास बोर्ड की ओर से आवंटियों को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें बहुमंजिली इमारत बनाए जाने और उसमें आवंटियों को फ्लैट देने की बात कही गई है। हालांकि, आवंटियों का कहना है कि इस पत्र में कई महत्वपूर्ण शर्तें स्पष्ट नहीं की गई हैं, जिसके कारण उनके बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वहीं, बैठक में विधायक संजय गुप्ता ने आवंटियों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को लेकर मंगलवार को बिहार राज्य आवास बोर्ड के मंत्री नीतीश मिश्रा से मुलाकात करेंगे और आवंटियों की सभी बातों को उनके सामने रखेंगे।
विधायक ने यह भी कहा कि जब तक 50 प्रतिशत आवंटी कागज पर फ्लैट तोड़ने की स्वीकृति नहीं देंगे, तब तक इन मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा। उन्होंने आवंटियों से इस बात का वादा किया।
अब मंगलवार को होने वाली मंत्री के साथ मुलाकात पर सभी की नजरें टिकी हैं। देखना होगा कि आवंटियों की आपत्तियों और फ्लैट तोड़ने के प्रस्ताव को लेकर बिहार राज्य आवास बोर्ड की ओर से क्या फैसला लिया जाता है।
हाउसिंग बोर्ड
पटना सिटी क्षेत्र के अगमकुआं में थानाअंतर्गत हाउसिंग बोर्ड में तमाम फ्लैट धारी को आवास बोर्ड के द्वारा यह सूचना दी गई थी कि आप लोगफ्लैट फ्लैट खाली करवाई जाएगी इसके बाद बहादुरपुर हाउसिंग बचाओ संघर्ष किया, समिति की बैनर के तले लोगों ने जुलूस प्रदर्शन कर विरोध जताया था लोगों ने प्रदर्शन भी किया था और सरकार तक अपनी आवाज भी पहुंचा था आज स्थानीय विधायक संजय गुप्ता भी आवास बोर्ड में रहने वालों के साथ बैठक में भाग लिया और इस बैठक में भाग लेकर उन्हें कहा कि सरकार तक आपकी आवाज को पहुंचाऊंगा और यहां कोई जोर जबरदस्ती नहीं की जाएगी उन्होंने अभी आश्वासन दिया कि जो भी यहां लोग रहते हैं उनके राय विमर्श से ही कोई कार्य किया जाएगा और सरकार तक हम लोग उनसे आग्रह करके अपनी बात रख कर अपनी समस्याएं बतलाएंगे
बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी में तोड़ने के प्रस्ताव का विरोध
पटना के बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी के एमआईजी पार्क में आवंटियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुम्हरार विधायक संजय गुप्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान एमआईजी फ्लैट के बड़ी संख्या में प्लेटो में रहने वाले ने विधायक के सामने अपनी समस्याएं और आपत्तियां रखीं।
आवंटियों का कहना है कि फ्लैट की स्थिति काफी अच्छी है, इसके बावजूद बिहार राज्य आवास बोर्ड द्वारा मकानों को तोड़कर बहुमंजिली इमारत बनाने की बात कही जा रही है। आवंटियों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी हालत में वे अपने मकानों को तोड़ने नहीं देंगे।
फ्लैट धारी का सवाल है कि बिहार राज्य आवास बोर्ड ने उन्हें फ्लैट 99 साल की लीज पर दिया है और हर साल मेंटेनेंस के नाम पर शुल्क भी लिया जाता है। ऐसे में करीब 40 साल में ही इन मकानों को कमजोर बताकर तोड़ने की बात क्यों की जा रही है। आवंटियों का आरोप है कि आवास बोर्ड ने समय रहते इन मकानों का उचित रखरखाव नहीं किया, जिसके कारण आज उनकी स्थिति ऐसी हुई है।
बताया जा रहा है कि बिहार राज्य आवास बोर्ड की ओर से आवंटियों को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें बहुमंजिली इमारत बनाए जाने और उसमें आवंटियों को फ्लैट देने की बात कही गई है। हालांकि, आवंटियों का कहना है कि इस पत्र में कई महत्वपूर्ण शर्तें स्पष्ट नहीं की गई हैं, जिसके कारण उनके बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वहीं, बैठक में विधायक संजय गुप्ता ने आवंटियों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को लेकर मंगलवार को बिहार राज्य आवास बोर्ड के मंत्री नीतीश मिश्रा से मुलाकात करेंगे और आवंटियों की सभी बातों को उनके सामने रखेंगे।
विधायक ने यह भी कहा कि जब तक 50 प्रतिशत आवंटी कागज पर फ्लैट तोड़ने की स्वीकृति नहीं देंगे, तब तक इन मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा। उन्होंने आवंटियों से इस बात का वादा किया।
अब मंगलवार को होने वाली मंत्री के साथ मुलाकात पर सभी की नजरें टिकी हैं। देखना होगा कि आवंटियों की आपत्तियों और फ्लैट तोड़ने के प्रस्ताव को लेकर बिहार राज्य आवास बोर्ड की ओर से क्या फैसला लिया जाता है।