📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Akhilan
धर्म
नीलम्पेरूर में पदायनी महोत्सव ने एकता का संदेश दिया
✍️ Onmanorama
🗓 14 सित. 2026, 04:15 PM
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नीलम्पेरूर में आयोजित पदायनी ने विभिन्न समुदायों को एक साथ लाकर एकता का प्रतीक बना।
केरल के अलप्पुझा जिले के नीलम्पेरूर में आयोजित पदायनी समारोह ने विभिन्न समुदायों के कलाकारों और दर्शकों को एक साथ लाया। इस प्राचीन नृत्य‑रंगमंच को स्थानीय मंदिर के प्रांगण में सजाया गया, जहाँ रंग‑बिरंगे मुखौटे और तालबद्ध ढोल की ध्वनि ने माहौल को जीवंत बना दिया।
आयोजनकर्ताओं ने इस वर्ष के कार्यक्रम को एकता के मंच के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे पारंपरिक रूप से इस कला से जुड़े न रहने वाले समूहों को भी भाग लेने का अवसर मिला। मिश्रित कलाकार समूह, संगीतकार और स्वयंसेवकों ने इस पहल को अपने सांस्कृतिक धरोहर के हिस्से के रूप में गर्व से अपनाया।
स्थानीय अधिकारी और सामाजिक नेता इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह केरल की बहुलता को दर्शाता है और सांस्कृतिक परम्पराएँ बाधाओं की बजाय पुल बन सकती हैं, जिससे समुदाय में साझा पहचान की भावना मजबूत होती है।
आयोजनकर्ताओं ने इस वर्ष के कार्यक्रम को एकता के मंच के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे पारंपरिक रूप से इस कला से जुड़े न रहने वाले समूहों को भी भाग लेने का अवसर मिला। मिश्रित कलाकार समूह, संगीतकार और स्वयंसेवकों ने इस पहल को अपने सांस्कृतिक धरोहर के हिस्से के रूप में गर्व से अपनाया।
स्थानीय अधिकारी और सामाजिक नेता इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह केरल की बहुलता को दर्शाता है और सांस्कृतिक परम्पराएँ बाधाओं की बजाय पुल बन सकती हैं, जिससे समुदाय में साझा पहचान की भावना मजबूत होती है।