📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maull & Fox
मनोरंजन
पहले दार्जिलिंग कला‑साहित्य महोत्सव में 60 से अधिक लेखकों व फिल्म निर्माताओं की भागीदारी
✍️ Sikkimexpress
🗓 11 अक्टू. 2026, 12:02 PM
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60 से अधिक लेखकों और फिल्म निर्माताओं ने दार्जिलिंग कला‑साहित्य महोत्सव के पहले संस्करण में भाग लेने की पुष्टि की है।
दार्जिलिंग कला‑साहित्य महोत्सव के पहले संस्करण में 60 से अधिक लेखकों और फिल्म निर्माताओं की भागीदारी होगी, यह सिखिमएक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है। पश्चिम बंगाल के पहाड़ी शहर दार्जिलिंग में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्य और सिनेमा के कलाकारों को एक ही मंच पर लाना है।
आयोजकों ने कहा है कि महोत्सव में पठन‑सत्र, पैनल चर्चा और फिल्म प्रदर्शन जैसी गतिविधियों के माध्यम से रचनाकारों को दर्शकों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। पहली बार इस स्तर की भागीदारी से इस क्षेत्र में सांस्कृतिक उत्साह का प्रमाण मिलता है।
स्थानीय अधिकारियों और सांस्कृतिक संस्थाओं ने आशा जताई है कि यह महोत्सव पर्यटन को बढ़ावा देगा और दार्जिलिंग को कला‑साहित्य के केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। यह कार्यक्रम देश भर के साहित्य प्रेमियों, फिल्म प्रशंसकों और विद्वानों को आकर्षित करने की संभावना रखता है।
विस्तृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं किया गया है, पर 60 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति से विविध आवाज़ों और दृष्टिकोणों को प्रदर्शित करने वाला एक समृद्ध कार्यक्रम अपेक्षित है।
यह पहल पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक नया अध्याय जोड़ती है, जो लेखकों, फिल्म निर्माताओं और जनता के बीच संवाद को सुदृढ़ करेगी।
आयोजकों ने कहा है कि महोत्सव में पठन‑सत्र, पैनल चर्चा और फिल्म प्रदर्शन जैसी गतिविधियों के माध्यम से रचनाकारों को दर्शकों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। पहली बार इस स्तर की भागीदारी से इस क्षेत्र में सांस्कृतिक उत्साह का प्रमाण मिलता है।
स्थानीय अधिकारियों और सांस्कृतिक संस्थाओं ने आशा जताई है कि यह महोत्सव पर्यटन को बढ़ावा देगा और दार्जिलिंग को कला‑साहित्य के केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। यह कार्यक्रम देश भर के साहित्य प्रेमियों, फिल्म प्रशंसकों और विद्वानों को आकर्षित करने की संभावना रखता है।
विस्तृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं किया गया है, पर 60 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति से विविध आवाज़ों और दृष्टिकोणों को प्रदर्शित करने वाला एक समृद्ध कार्यक्रम अपेक्षित है।
यह पहल पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक नया अध्याय जोड़ती है, जो लेखकों, फिल्म निर्माताओं और जनता के बीच संवाद को सुदृढ़ करेगी।