📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sugam NGO
सरकारी योजना
सुगम डिजिटल गुजरात से चार महीनों में 1 लाख से अधिक नागरिकों को प्रमाणपत्र ऑनलाइन
✍️ The Economic Times
🗓 28 अग. 2026, 09:02 AM
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सुगम डिजिटल गुजरात प्लेटफ़ॉर्म ने चार महीनों में 1 लाख से अधिक नागरिकों को घर बैठे विभिन्न प्रमाणपत्र प्राप्त करने की सुविधा दी, जिससे राज्य में ई‑सेवाओं का तेज़ी से अपनाना दिखता है।
गुजरात के सुगम डिजिटल पहल, जो सरकारी प्रमाणपत्रों की डिलीवरी को सरल बनाने के लिए शुरू की गई थी, ने बताया कि एक लाख से अधिक नागरिकों ने घर बैठे जन्म, विवाह और जमीन जैसे दस्तावेज़ सफलतापूर्वक प्राप्त किए हैं। राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने यह आँकड़ा जनवरी से अप्रैल 2024 की अवधि के लिए जारी किया।
यह प्लेटफ़ॉर्म कई विभागीय डेटाबेस को जोड़ता है, जिससे उपयोगकर्ता एक ही पोर्टल पर आवेदन, भुगतान और डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि स्मार्टफ़ोन की व्यापक उपलब्धता और ग्रामीण‑शहरी क्षेत्रों में चलाए गए जागरूकता अभियानों ने इस तेज़ अपनाने में मुख्य भूमिका निभाई है।
राज्य के प्रतिनिधियों ने बताया कि डिजिटल प्रक्रिया से प्रसंस्करण समय हफ्तों से घटकर कुछ दिनों में आ गया है, प्रशासनिक लागत कम हुई है और व्यक्तिगत सत्यापन की आवश्यकता घट गई है। सुगम डिजिटल की सफलता को अन्य भारतीय राज्यों के लिए ई‑गवर्नेंस मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
विभाग ने आने वाले महीनों में कर प्रमाणपत्र और शैक्षणिक प्रमाणपत्र जैसी और सेवाएँ जोड़ने की योजना बताई है, जिससे वर्ष के अंत तक एक मिलियन ऑनलाइन लेन‑देन का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
यह प्लेटफ़ॉर्म कई विभागीय डेटाबेस को जोड़ता है, जिससे उपयोगकर्ता एक ही पोर्टल पर आवेदन, भुगतान और डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि स्मार्टफ़ोन की व्यापक उपलब्धता और ग्रामीण‑शहरी क्षेत्रों में चलाए गए जागरूकता अभियानों ने इस तेज़ अपनाने में मुख्य भूमिका निभाई है।
राज्य के प्रतिनिधियों ने बताया कि डिजिटल प्रक्रिया से प्रसंस्करण समय हफ्तों से घटकर कुछ दिनों में आ गया है, प्रशासनिक लागत कम हुई है और व्यक्तिगत सत्यापन की आवश्यकता घट गई है। सुगम डिजिटल की सफलता को अन्य भारतीय राज्यों के लिए ई‑गवर्नेंस मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
विभाग ने आने वाले महीनों में कर प्रमाणपत्र और शैक्षणिक प्रमाणपत्र जैसी और सेवाएँ जोड़ने की योजना बताई है, जिससे वर्ष के अंत तक एक मिलियन ऑनलाइन लेन‑देन का लक्ष्य हासिल किया जा सके।