📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rrthakur22
सरकारी योजना
असम के खोवांग में 100 से अधिक महिलाओं ने ओरुनडोई योजना से हटाए जाने पर प्रदर्शन किया
✍️ India Today NE
🗓 24 अग. 2026, 03:36 PM
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असम के खोवांग में 100 से अधिक महिलाओं ने कहा कि उन्हें ओरुनडोई योजना के लाभार्थी सूची से गलत तरीके से हटाया गया, इसलिए पुनर्स्थापना की मांग की।
असम के डिब्रुगढ़ जिले के खोवांग में स्थानीय प्रशासनिक कार्यालय के सामने 100 से अधिक महिलाओं ने भीड़ जमा की। उन्होंने कहा कि उन्हें ओरुनडोई योजना के लाभार्थी सूची से अचानक हटाया गया, जो कमजोर परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली सरकारी योजना है।
प्रदर्शकों ने पर्चे पकड़े और इस हटाव को मनमाना बताया, जिससे उन्हें योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय मदद से वंचित किया गया। स्थानीय अधिकारियों से स्पष्टीकरण माँगा गया, पर एक प्रवक्ता ने औपचारिक जांच के बाद ही टिप्पणी करने को कहा।
समुदाय के नेताओं ने जिला प्रशासन में याचिका दायर करने का इरादा जताया, ताकि सूची की पुनः समीक्षा हो और योग्य परिवारों को अनुचित रूप से बाहर न किया जाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, कोई टकराव या गिरफ्तारी की खबर नहीं मिली।
ओरुनडोई योजना, असम सरकार द्वारा शुरू की गई, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के लिए नकद सहायता देती है। इस विरोध से योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और सटीकता को लेकर लाभार्थियों की चिंताएँ उजागर हुई हैं।
प्राधिकरण ने इस मुद्दे की जांच करने और दावों की पुष्टि के बाद एक बयान जारी करने का आश्वासन दिया, जबकि महिलाएँ समाधान की प्रतीक्षा कर रही हैं।
प्रदर्शकों ने पर्चे पकड़े और इस हटाव को मनमाना बताया, जिससे उन्हें योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय मदद से वंचित किया गया। स्थानीय अधिकारियों से स्पष्टीकरण माँगा गया, पर एक प्रवक्ता ने औपचारिक जांच के बाद ही टिप्पणी करने को कहा।
समुदाय के नेताओं ने जिला प्रशासन में याचिका दायर करने का इरादा जताया, ताकि सूची की पुनः समीक्षा हो और योग्य परिवारों को अनुचित रूप से बाहर न किया जाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, कोई टकराव या गिरफ्तारी की खबर नहीं मिली।
ओरुनडोई योजना, असम सरकार द्वारा शुरू की गई, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के लिए नकद सहायता देती है। इस विरोध से योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और सटीकता को लेकर लाभार्थियों की चिंताएँ उजागर हुई हैं।
प्राधिकरण ने इस मुद्दे की जांच करने और दावों की पुष्टि के बाद एक बयान जारी करने का आश्वासन दिया, जबकि महिलाएँ समाधान की प्रतीक्षा कर रही हैं।