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12 अक्टू. 2026•
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ओहेराल्ड ने उजागर किया भारत की सोने‑लकड़ी की भक्ति विरासत
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
धर्म

ओहेराल्ड ने उजागर किया भारत की सोने‑लकड़ी की भक्ति विरासत

✍️ Oherald 🗓 12 अक्टू. 2026, 06:37 PM 👁 16
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ओहेराल्ड ने भारत में पूजा स्थलों पर सोने और लकड़ी की कला की शाश्वत परम्परा और गहरी भक्ति को उजागर किया है।

ओहेराल्ड ने भारत में धार्मिक स्थलों को सोने और जटिल लकड़ी की नक्काशी से सजाने की प्राचीन परम्परा पर एक विशेष लेख प्रकाशित किया है। यह लेख बताता है कि शताब्दियों से कारीगरों ने कीमती धातु की चमक और लकड़ी की बारीकी को मिलाकर ऐसे स्थान बनाए हैं जो कला की उत्कृष्टता और आध्यात्मिक श्रद्धा दोनों को प्रतिबिंबित करते हैं।

लेख में यह उजागर किया गया है कि सोना अपनी चमक के कारण और लकड़ी अपनी गर्मी के कारण भक्ति की मूर्त अभिव्यक्ति बनते हैं, जिससे मंदिर, दरगाह और अन्य पवित्र स्थल न केवल सौंदर्यात्मक बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी समृद्ध होते हैं। यह भी बताया गया है कि आज भी कई कारीगर पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही तकनीकों को संरक्षित कर रहे हैं।

इस विरासत पर प्रकाश डालते हुए ओहेराल्ड ने भारतीय धार्मिक जीवन में सामग्री कला के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया है, यह दर्शाते हुए कि सोना और लकड़ी मिलकर एक जीवंत परम्परा का निर्माण करते हैं, जो श्रद्धालुओं और यात्रियों दोनों को प्रेरित करती रहती है।
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