📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Abhas Kumar Kheti
यात्रा
ओडिशा के उपमुख्यमंत्री ने नंदनकानन की सुविधाओं की समीक्षा, विश्व‑स्तरीय अनुभव की मांग
✍️ Pragativadi
🗓 01 अक्टू. 2026, 03:36 AM
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ओडिशा के उपमुख्यमंत्री ने नंदनकानन चिड़ियाघर‑बॉटनिकल गार्डन का दौरा कर पर्यटन सुविधाओं की जाँच की और उन्हें विश्व‑स्तरीय बनाने का आग्रह किया।
ओडिशा के उपमुख्यमंत्री ने भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में स्थित नंदनकानन चिड़ियाघर‑बॉटनिकल गार्डन का दौरा किया और पर्यटक सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रवेश द्वार, सूचना कियोस्क, स्वच्छता सुविधाओं और दर्शकों को पार्क में मार्गदर्शन करने वाले संकेतों की जांच की।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नंदनकानन, जो राज्य का प्रमुख वन्यजीव एवं बोटैनिकल गार्डन है, को विश्व‑स्तरीय अनुभव प्रदान करना चाहिए, जैसा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के पार्कों में देखा जाता है। उन्होंने बेहतर रख‑रखाव, सुरक्षा उपायों में सुधार और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से दर्शकों के प्रवाह को सुगम बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
राज्य पर्यटन विभाग को अगले दो हफ्तों के भीतर एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया, जिसमें सुधारों, बजट आवंटन और कार्यान्वयन समय‑सीमा का विवरण हो। उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि नंदनकानन को प्रमुख पर्यटन आकर्षण बनाए रखने के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान किए जाएंगे।
यह दौरा ओडिशा की व्यापक पर्यटन रणनीति को रेखांकित करता है, जिसमें प्रमुख सांस्कृतिक और वन्यजीव स्थलों पर बुनियादी ढाँचा और सेवा गुणवत्ता को उन्नत करना शामिल है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नंदनकानन, जो राज्य का प्रमुख वन्यजीव एवं बोटैनिकल गार्डन है, को विश्व‑स्तरीय अनुभव प्रदान करना चाहिए, जैसा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के पार्कों में देखा जाता है। उन्होंने बेहतर रख‑रखाव, सुरक्षा उपायों में सुधार और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से दर्शकों के प्रवाह को सुगम बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
राज्य पर्यटन विभाग को अगले दो हफ्तों के भीतर एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया, जिसमें सुधारों, बजट आवंटन और कार्यान्वयन समय‑सीमा का विवरण हो। उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि नंदनकानन को प्रमुख पर्यटन आकर्षण बनाए रखने के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान किए जाएंगे।
यह दौरा ओडिशा की व्यापक पर्यटन रणनीति को रेखांकित करता है, जिसमें प्रमुख सांस्कृतिक और वन्यजीव स्थलों पर बुनियादी ढाँचा और सेवा गुणवत्ता को उन्नत करना शामिल है।